नए घर और परिवार के प्यार की तलाश में डोरा
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करीब पांच साल तक हिमाचल प्रदेश पुलिस की सुरक्षा टीमों का हिस्सा रही लैब्राडोर डोरा अब कठिन ड्यूटी से विदा हो गई है। एक्सप्लोसिव डिटेक्शन स्क्वायड की सदस्य डोरा को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते मेडिकल ग्राउंड पर रिटायर किया गया है। पुलिस ने अब उसके लिए नीलामी के बजाय गोद लेने की व्यवस्था शुरू की है, ताकि उसके जीवन का अगला पड़ाव किसी परिवार के स्नेह और देखभाल के बीच बीते।
डोरा वर्ष 2021 में हिमाचल पुलिस का हिस्सा बनी थी। इसके बाद उसने सैनिटाइजेशन, सुरक्षा अभ्यासों और महत्वपूर्ण आयोजनों में सुरक्षा टीमों के साथ काम किया। वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान संभावित विस्फोटक खतरों की पहचान करने में भी उसने अपनी भूमिका निभाई। ड्यूटी के दौरान डोरा ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दिया।
डॉग शो में भी जीता था पहला स्थान
पुलिस ड्यूटी के साथ डोरा ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन प्रतियोगिताओं में भी किया। वर्ष 2024 में शिमला इंटरनेशनल समर फेस्टिवल के डॉग शो में उसने प्रथम स्थान हासिल किया था। इस उपलब्धि ने उसे पुलिस महकमे के साथ-साथ लोगों के बीच भी पहचान दिलाई।
पिछले कुछ समय से डोरा पुरानी बीमारी से जूझ रही है। इसके कारण उसकी चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित हुई है। पशु चिकित्सकों की सलाह पर पुलिस ने उसे रिटायर करने का फैसला लिया। डोरा अब विस्फोटक पहचानने जैसी कठिन पुलिस ड्यूटी नहीं कर सकती, लेकिन एक अच्छे पालतू कुत्ते के रूप में सामान्य पारिवारिक जीवन बिता सकती है।