देश की आंतरिक व्यवस्था को बनाए रखने में पुलिस के जिन जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया है, वे हम सब के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। पुलिस बल को उन शहीदों से प्रेरणा लेकर अपने कर्त्तव्य का निर्वहन करते हुए बल की गरिमा को बनाए रखने के लिए हमेशा इमानदारी से प्रयास करना चाहिए। यह बात राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने रविवार को पुलिस स्मृति दिवस पर पीटरहॉफ में कार्यक्रम के दौरान शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद कही।
कहा कि देश की आंतरिक व्यवस्था को बनाए रखने में पुलिस बल का महत्वूपर्ण योगदान है। पुलिस व्यवस्था के कारण ही आम आदमी को अभयदान मिलता है। इस व्यवस्था में अपराधी को दंड मिले और निरपराधी को अभयदान मिले यह सबसे बड़ी व्यवस्था है।
पुलिस में रहकर समाज सेवा करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी कर्मियों पर है। इसलिए विवेक के साथ निर्णय लिए जाने चाहिए। कहा कि हिमाचल देवभूमि है। यहां अनेक ऋषियों ने भावी पीढ़ी को मानवता का संदेश दिया।
इसलिए इस देवभूमि की सार्थकता को बनाए रखने के लिए पुलिस बल की जिम्मेदारी अधिक है। राज्यपाल ने इस अवसर पर पुलिस कर्मियों के प्रश्नों के उत्तर दिए। इससे पहले सुबह पुलिस लाइन भराड़ी में बने शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान परेड व शोक शस्त्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान डीजीपी सीताराम मरडी, एडीजी विजिलेंस अतुल वर्मा, एडीजी कानून व्यवस्था अनुराग गर्ग, एडीजी सीआईडी अशोक तिवारी, अतिरिक्त सचिव मुख्यमंत्री महेश भारद्वाज, पूर्व डीजीपी आरआर वर्मा समेत बड़ी संख्या में सेवारत व रिटायर्ड पुलिस अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।