विमुक्त रंजन, एसपी कांगड़ा
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11 अगस्त को पुरुष व महिला पुलिस कांस्टेबलों के 1063 पदों के लिए प्रदेश भर में लिखित परीक्षा ली गई थी। बिक्रम की तलाश में कांगड़ा पुलिस ने जिला कांगड़ा सहित उसके अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दी थी, लेकिन आरोपी हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो रहा था। पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े में नकल करने, नकल करवाने और मुख्य आरोपी को भगाने में मदद करने वालों सहित 34 लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद में कोर्ट में चालान पेश कर उन पर मुकदमा चलाया गया, जिनमें से अब लगभग सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
अभी तक इन लोगों की हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े में एसआईटी ने अनुराग, मंदीप, कुलदीप, सुभाष, ओमबीर सिंह, जयदीप, अनूप सिंह व सुमित हरियाणा राज्य के विभिन्न शहरों के रहने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा आशीष (राजस्थान), रघुवीर सिंह व प्रशांत (उत्तर प्रदेश) को भी हिरासत में लिया था। जिला कांगड़ा से वीरेंद्र, राणा मोहन, मनोज कुमार और अभिनाश कुमार (नूरपुर), विनीत कुमार (बैजनाथ), रुस्तम अली ,सोनू जरियाल, कमल, मुनीष चौधरी, प्रतीक गुलेरिया, साहिल कुमार, रजत (जवाली), संगम ठाकुर, रोहित कुमार, अभिषेक कुमार (शाहपुर) अंकुश शर्मा (कंडवाल), अखिल (गंगथ) और संदीप कुमार (फतेहपुर) शामिल थे। इन सभी को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से जमानत पर रिहा किया जा चुका है।
पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी माने जा रहे बिक्रम सिंह ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया है। आरोपी को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। बिक्रम से पूछताछ के दौरान कई और खुलासे होंगे। इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। - विमुक्त रंजन, एसपी कांगड़ा