हिमाचल प्रदेश में अब मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन चालकों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने राज्य के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों और यातायात इकाइयों को ऐसे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं।
10 हजार रुपये तक का चालान और साइलेंसर हटाए जाएंगे
मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों पर अब 10 हजार रुपये तक का चालान किया जाएगा। इसके साथ ही, ऐसे आपत्तिजनक साइलेंसरों को वाहन से हटाया भी जाएगा। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तेज और विस्फोट जैसी आवाजें न केवल ध्वनि प्रदूषण को बढ़ाती हैं, बल्कि सार्वजनिक शांति और सड़क सुरक्षा को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं।
ऊना में हुई पहली कार्रवाई
हाल ही में ऊना जिले के दौलतपुर में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर अनावश्यक शोर फैलाने की शिकायत मिलने पर पुलिस ने एक वाहन चालक का 10 हजार रुपये का चालान काटा था। इस कार्रवाई के बाद, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी जिले में इस तरह के ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ बिना किसी रियायत के कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कानून का उल्लंघन, अभियान जारी रहेगा
हिमाचल प्रदेश के डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि मॉडिफाइड साइलेंसर से ध्वनि प्रदूषण फैलाना कानून का उल्लंघन है और ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जाएगा। यह कदम राज्य में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और नागरिकों के लिए शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।