एसपी साइबर क्राइम संदीप धवल कहते हैं कि ज्यादातर ठगी के मामले डेबिट और क्रेडिट कार्ड संबंधी सामने आ रहे हैं। कॉल कर खुद को बैंक कर्मी बता जालसाज लोगों से उनके कार्ड की डिटेल मांगते हैं।
डिटेल लेने के बाद अचानक उनके खाते से बड़ी रकम उड़ा ली जाती है। चूंकि, डेबिट कार्ड की जानकारी मिलने से साइबर अपराधी सीधे खाताधारक के खाते को एक्सेस कर लेते हैं। ऐसे में लोगों के जानने और कुछ करने से पहले ही उन्हें आर्थिक नुकसान हो चुका होता है।
जागरूकता अभियान पर जोर
साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जाता रहा है। ज्यादातर घटनाओं में चूंकि बैंक उपभोक्ता जालसाजों को खुद ही खाते की जानकारी देते हैं।
इसी को देखते हुए पुलिस ने अब जागरूकता अभियान पर फोकस किया है। लोगों को बताया जा रहा है कि संदिग्ध कॉल पर अपने एटीएम कार्ड का पिन नंबर या फिर अन्य जानकारी शेयर न करें।
जिला 2016 2017
शिमला 35 73
कांगड़ा 14 40
कुल्लू 03 23
सिरमौर 07 27
बीबीएन 04 16
बिलासपुर 13 17
चंबा 02 07
हमीरपुर 06 14
मंडी 12 13
ऊना 06 14
अन्य 00 63
ऐसे हो सकता है बचाव
- किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक या कार्ड की जानकारी न दें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति को फोन पर आने वाले वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) न बताएं।
- सर्फिंग के दौरान इंटरनेट पर किसी भी अनजान लिंक को न क्लिक करें।
- साइबर कैफे या ऑफिस के कंप्यूटर या लैपटॉप से ऑनलाइन बैंकिंग न करें।
- फोन में बैंकिंग एप होने की सूरत में फोन को पासवर्ड से लॉक रखें और अनजान व्यक्ति को न दें।