अचानक बस न्यूट्रल हो गई और...
जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह 9 बजे समोट-ददरियाड़ा रूट पर चलने वाली निजी बस समोट कस्बे के टैक्सी स्टैंड के समीप चौक पर खड़ी थी। दूसरी बस से आने वाली सवारियों का इंतजार हो रहा था। इस दौरान बस का चालक अपनी सीट पर मौजूद नहीं था, तभी अचानक बस न्यूट्रल हो गई और ढलान होने के कारण अपने आप सरकने लगी। जैसे ही बस ने रेंगना शुरू किया ताे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार शुरू हो गई। सवारियां कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही बस सड़क पर करीब 30 से 40 मीटर तक सीधे सरकते हुए वहां मौजूद प्राकृतिक जल स्रोत के समीप खाई में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने फुर्ती दिखाते हुए बचाव एवं राहत कार्य शुरू किया।
किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई
लोगों ने खाई में उतरकर बस में फंसी सवारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह है कि किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है। हालांकि, हादसे के कारण घबराए और हल्की चोट महसूस कर रहे कुछ यात्रियों को एहतियात के तौर पर प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तकनीकी खराबी या हैंडब्रेक से जुड़ी चूक मानी जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच अभी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक चंबा विजय सकलानी ने बताया कि बस अनियंत्रित हो सड़क से नीचे उतर गई। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
अचानक बस पर आ गिरा पत्थर, आगे का शीश चकनाचूर
पठानकोट-चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे पर वीरवार सुबह उस समय चीख-पुकार मच गई, जब चंबा से धरवाला की ओर जा रही एक निजी बस पर मैहला के पास अचानक पहाड़ी से बड़ा पत्थर गिर गया। चट्टान गिरते ही बस का अगला शीशा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। गनीमत यह रही कि पत्थर शीशे को तोड़ते हुए बस के अंदर नहीं घुसा और टकराकर सड़क पर जा गिरा, जिससे बस में सवार करीब 30 यात्री बाल-बाल बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना पूर्वाह्न 11 बजे हुई। बताया जा रहा है कि बस जैसे ही पहाड़ी मोड़ से गुजर रही थी, उसी दौरान ऊपर से अचानक एक बड़ा पत्थर गिरा, जो सीधे बस के फ्रंट शीशे से जा टकराया। शीशा टूटते ही बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कुछ पल के लिए बस में दहशत का माहौल बन गया।
हालांकि बस चालक ने सूझबूझ और सतर्कता दिखाते हुए तुरंत बस को नियंत्रित किया और सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर दिया। चालक की तत्परता के चलते बड़ा हादसा टल गया, अन्यथा पत्थर बस के अंदर गिरने या छत पर लगने की स्थिति में गंभीर जान-माल का नुकसान हो सकता था। घटना के बाद सभी सवारियां डर के कारण तुरंत बस से बाहर निकल आईं। काफी देर तक यात्री घटनास्थल पर खड़े रहे और हादसे की गंभीरता को लेकर चर्चा करते रहे। यात्रियों का कहना था कि यदि पत्थर थोड़ा सा भी अंदर गिर जाता तो कई लोग इसकी चपेट में आ सकते थे। कुछ समय बाद यात्रियों को दूसरी बस के माध्यम से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। वहीं, इस घटना के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार गिरते पत्थरों को लेकर यात्रियों ने चिंता जताई और संबंधित विभाग से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।