हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल 31 जनवरी को पूरा होने जा रहा है। पंचायत बॉडी की शक्तियां खत्म हो जाएंगी। पंचायत में लोगों के काम प्रभावित न हो, इसके चलते कुछ शक्तियां पंचायत सचिव को दी जाएंगी। इसमें अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), स्थायी निवासी और जन्म प्रमाण पत्र प्रमाण पत्र पंचायत सचिव देंगे। फरवरी और मार्च में न तो सेल्फ मंजूर होगी न ही ग्राम सभा संबंंधित गतिविधियां होंगी। वित्तीय से संबंधित जरूरी कार्य बीडीओ करेंगे। लेकिन बीडीओ को भी इसके लिए सरकार की अनुमति लेनी होगी।
हाईकोर्ट ने सरकार को 30 अप्रैल से पहले चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने प्रधान सचिव शहरी विकास विभाग और पंचायतीराज विभाग के सचिव को रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। इसके बाद तीन अधिकारी मिलकर इस पर विचार विमर्श करेंगे। प्रदेश सरकार पंचायत के चुनाव कराने को तैयार है। हाईकोर्ट से आए आदेशों के बाद प्रदेश सरकार इस मामले में विधि विभाग की भी राय ले रही है। प्रदेश सरकार का मानना है कि हिमाचल में लोगों के काम प्रभावित नहीं होने चाहिए। इसके चलते पंचायत सचिव को पंचायतों में बैठना होगा। जो भी लोगों के काम होंगे उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाना होगा।
हिमाचल में 3,577 पंचायतें
हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में पंचायतों की कुल संख्या 3,577 हैं। इन पंचायतों को कार्यकाल 31 जनवरी को खत्म होने जा रहा है। ऐसे में इन पंचायतों को चुनाव कराए जाने हैं।