पंचायतीराज संस्थाओं के पहले चरण के चुनाव में बिलासपुर में बुजुर्ग मतदाताओं का उत्साह चर्चा का विषय बना रहा। उम्र के शतक को पार कर चुके कई बुजुर्ग मतदान केंद्रों तक पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था जताई। घुमारवीं विकास खंड की ग्राम पंचायत सेऊ में स्थापित पिंक मतदान केंद्र पर 113 वर्षीय मंगलू देवी ने वोट डालकर सभी को प्रेरित किया। गांव भदरोग निवासी मंगलू देवी परिजनों के साथ मतदान केंद्र पहुंचीं। उम्र के इस पड़ाव में भी उनके मतदान के प्रति उत्साह को देखकर वहां मौजूद लोग भी उत्साहित नजर आए। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त राहुल कुमार ने मंगलू देवी के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में उनकी भागीदारी युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मतदाता समाज को मतदान के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इधर, लुहारवीं पंचायत में 105 वर्षीय क्रोध देवी ने भी मतदान किया, जबकि भड़ोली कलां के 100 वर्षीय रामदास ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र में विश्वास जताया। जिले में मतदान को लेकर सुबह से ही लोगों में खासा उत्साह देखा गया। विभिन्न मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
सुंदरनगर, निहरी और धनोटू विकास खंड की 29 पंचायतों में हुए मतदान के दौरान बुजुर्ग मतदाताओं की भागीदारी आकर्षण का केंद्र रही। आयु का शतक पार कर चुके मतदाताओं ने मतदान केंद्र पहुंचकर लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था जताई और युवाओं को मतदान का संदेश दिया। सुंदरनगर के 106 वर्षीय कपूरु राम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चाह का डोहरा स्थित मतदान केंद्र में पहुंचकर अपना मत डाला। वहीं मलोह पंचायत के 101 वर्षीय दुर्गा राम ने भी मतदान किया। बंदली पंचायत की 100 वर्षीय रेशमू देवी ने मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके अलावा पौड़ाकोठी के 88 वर्षीय गोविंद राम ने पंचायत चुनाव में अपनी भागीदारी निभाई। नई पंचायत ज्योर की 86 वर्षीय महंती देवी छड़ी के सहारे मतदान केंद्र पहुंचीं और वोट डाला। धनोटू विकास खंड की घांघल पंचायत में 101 वर्षीय दुयली देवी अपनी बेटी के साथ मतदान केंद्र पहुंचीं और मतदान किया। भलाना पंचायत की माघी देवी, ब्रूखमणि की ओमा देवी, मगर पादरू की नागेश्वरी और गिरु देवी, घिड़ी पंचायत के देवी दास और मेना देवी तथा चांबी पंचायत के हरदेव सिंह ने भी मतदान कर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। उधर, पहली बार मतदान करने वाली घांघल पंचायत की मुस्कान ठाकुर ने कहा कि मतदान के बारे में किताबों में पढ़ा था, लेकिन पहली बार स्वयं वोट डालकर लोकतंत्र का पहला फर्ज निभाने का अवसर मिला।
शिमला में भी बुजुर्गों ने भी कई किलोमीटर पैदल चलकर मतदान किया। जुन्गा तहसील के टिक्कर गांव के 95 वर्षीय कृष्णा नंद शर्मा ने तीन किलोमीटर पैदल चलकर पुराना जुन्गा मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। भोंट पंचायत के 92 वर्षीय निरमा राम ने अपने गांव गठडू से पैदल आकर शाहल वार्ड में और पीरन पंचायत के देवठी बूथ पर 94 वर्षीय बालक राम निर्मोही ने करीब छह किलोमीटर का सफर तय कर मतदान केंद्र पर वोट डाला। देवठी के 94 वर्षीय सुंदर सिंह शर्मा ने भी दो किलोमीटर पैदल चल कर पीरन में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 45 वर्षीय अक्षम रामगोपाल वर्मा बैसाखी के सहारे पीरन में वोट डालने पहुंचे।
डंसा पंचायत में पहली बार मतदान करने वाली मतदाता पायल गुप्ता ने बताया कि उन्होंने पंचायतीराज चुनाव में पहली बार मतदान किया। मतदान करने के बाद वह काफी उत्साहित है। जगूनी वार्ड नंबर तीन में 96 वर्षीय सुंपू देवी भी मतदान करने बूथ पर पहुंचीं। रोहड़ू की ग्राम पंचायत झगटान में 103 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने मतदान किया। नरैण पंचायत के दलोग गांव के वैभव भलूनी ने कहा कि पहली बार मतदान कर काफी गर्व महसूस हुआ। अब पंचायत प्रतिनिधियों के गठन में उनका भी योगदान रहेगा। उन्होंने कहा कि पंचायतों में सही व्यक्ति का चुनाव करने के लिए मतदान जरूरी है। अधिक संख्या में मतदान होना प्रत्यक्ष चुनाव का एक सही उदाहरण है। आनी के करशईगाड़ के कोट गांव के 100 वर्षीय मंगल चंद ने स्वयं अपना वोट मतदान केंद्र में आकर डाला।
पहली बार मतदान करने वाली घांघल पंचायत की मुस्कान ठाकुर ने कहा कि मतदान के बारे में किताबों में पढ़ा था, लेकिन पहली बार स्वयं वोट डालकर लोकतंत्र का पहला फर्ज निभाने का अवसर मिला। भलाना पंचायत की माघी देवी, ब्रूखमणि की ओमा देवी, मगर पादरू की नागेश्वरी और गिरु देवी, घिड़ी पंचायत के देवी दास और मेना देवी तथा चांबी पंचायत के हरदेव सिंह ने भी मतदान कर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। उधर, पहली बार मतदान करने वाली घांघल पंचायत की मुस्कान ठाकुर ने कहा कि मतदान के बारे में किताबों में पढ़ा था, लेकिन पहली बार स्वयं वोट डालकर लोकतंत्र का पहला फर्ज निभाने का अवसर मिला।