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हिमाचल: मंगलौर में कुछ देर रुका रहा मतदान, बनालग में विधायक और भाजपा समर्थित प्रत्याशी के पति भिड़े

Sat, 30 May 2026 12:29 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू/सुजानपुर।

सार

विकास खंड बंजार के मंगलौर पंचायत में बीडीसी सदस्य के चुनाव चिह्न में उम्मीदवार का नाम गलत दर्ज करने को लेकर कुछ देर मतदान प्रक्रिया प्रभावित रही। 
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मंगलौर पोलिंग बूथ में कुछ देर रुका रहा मतदान, बनालग में विधायक व प्रत्याशी के पति भिड़े। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में  विकास खंड बंजार की मंगलौर पंचायत के मंगलौर मतदान केंद्र में बीडीसी सदस्य के लिए जारी बैलेट पेपर में चुनाव चिह्न के साथ उम्मीदवार का नाम गलत दर्ज होने को लेकर कुछ देर मतदान प्रक्रिया प्रभावित रही। जानकारी के अनुसार इससे पहले 19 लोग मतदान कर चुके थे। यहां बैलेट पेपर में बीडीसी सदस्यों के उम्मीदवारों को जो चुनाव चिह्न मिले थे उसमें एक दूसरे के चुनाव चिह्न में नाम की अदला बदली हो गई थी। मामला सामने आने पर मतदान प्रक्रिया रोक दी गई और बाद में जांच के दौरान दो बैलेट पेपर ऐसे पाए गए जिसमें उम्मीदवारों को मिले चुनाव चिह्न में नाम गलत दर्ज हो गए थे, जिन्हें रद्द कर दिया गया। उसके बाद मतदान प्रक्रिया फिर से शुरू की गई। तहसीलदार बंजार नीरज शर्मा ने बताया कि बैलेट पेपर की जांच करने पर दो में उम्मीदवारों के नाम एक दूसरे के चुनाव चिह्न के आगे दर्ज पाए गए। मामला सामने आने पर दोनों बैलेट पेपर रद्द किए गए। उन्होंने बताया कि इनसे मतदान नहीं हुआ था। उम्मीदवारों को भी बुलाकर उनकी सहमति के बाद मतदान आगे जारी किया गया। 

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बनालग पोलिंग बूथ पर भिड़े विधायक और भाजपा समर्थित प्रत्याशी के पति 

जिला परिषद वार्ड ऊहल के तहत बनालग पोलिंग बूथ में मतदान के दौरान उस समय माहौल गर्मा गया, जब सुजानपुर के विधायक पोलिंग बूथ का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान भाजपा समर्थित जिला परिषद उम्मीदवार मंगलेश ठाकुर के पति ने विधायक के बूथ निरीक्षण पर कड़ी आपत्ति जताई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विधायक के बूथ परिसर में पहुंचने के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते बहसबाजी बढ़ गई और कुछ समय के लिए मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालांकि, मौजूद लोगों और चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत करवाया। घटना के बाद ऊहल वार्ड में राजनीतिक माहौल और गर्मा गया है। हालांकि, किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक शिकायत किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
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नैनीधार पंचायत चुनाव के नतीजों में धांधली का आरोप, मारपीट पर क्राॅस एफआईआर दर्ज

सिरमौर जिला के विकासखंड शिलाई की ग्राम पंचायत नैनीधार में प्रधान पद के चुनावी नतीजों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मतदान के बाद घोषित हुए परिणामों पर एक प्रत्याशी के पति ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि नतीजों में धांधली का विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर किया गया है। नाहन मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन कलोग (नैनीधार) निवासी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। वीरेंद्र ने बताया कि उनकी पत्नी किरण बाला ने इस बार प्रधान पद का चुनाव लड़ा था। वीरेंद्र के अनुसार, शाम को जब नतीजे घोषित हुए, तो चुनावी दस्तावेजों में मेरी पत्नी किरण बाला को 624 वोट और प्रतिद्वंदी निशा देवी को 518 वोट मिले दर्शाए गए। इस हिसाब से किरण बाला 106 वोटों से जीत चुकी थीं। लेकिन कुछ ही देर बाद वहां तैनात चुनाव अधिकारियों ने पलटी मार दी और कहा कि किरण बाला नहीं, बल्कि निशा देवी चुनाव जीती हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि जारी दूसरे पत्र में भी भारी लापरवाही सामने आई है। उस पत्र में भी किरण बाला के वोट 624 और निशा देवी के वोट 518 ही दिखाए गए हैं, लेकिन पत्र के निचले हिस्से में निशा देवी को नैनीधार पंचायत का विजयी प्रधान घोषित कर दिया गया। वीरेंद्र सिंह का कहना है कि जब उन्होंने आंकड़ों में इस हेरफेर का विरोध किया, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ बुरी तरह मारपीट की। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने किसी तरह वीरेंद्र को भीड़ से छुड़ाया। इसके बाद उन्हें तुरंत शिलाई अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर कर दिया। पीड़ित परिवार ने राज्य चुनाव आयोग और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उधर, जिला पंचायत अधिकारी विक्रम ठाकुर ने बताया कि नंबर लिखने में गलती हुई थी, जिसे सुधार दिया गया है। जिस प्रत्याशी के अधिक मत पड़े उसे विजेता घोषित किया गया। मौके पर सीसीटीवी भी लगे हैं। व्यक्ति के आरोप बेबुनियाद हैं।  पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने बताया कि नैनीधार पंचायत में नतीजों के बाद दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से क्राॅस एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में जांच जारी है।
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