राज्य चुनाव आयोग ने धर्मपुर में मिले मुहर लगे मतपत्रों की जांच रिपोर्ट मांग ली है। चुनाव आयोग ने संबंधित तहसीलदार को जांच के आदेश दिए हैं। राज्य चुनाव आयोग के इतिहास में पहली बार ऐसा मामला सामने आया है। अगर विजेता की जीत का अंतर कम हुआ तो चुनाव आयोग कड़ी कार्रवाई करेगा। आयोग के अधिकारी बताते हैं कि चुनाव के बाद मतपत्र 90 दिन तक सील लिफाफे में सुरक्षित रखने जरूरी होते हैं।
चुनाव में इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को भी छह माह तक सुरक्षित रखना पड़ता है, ताकि चुनाव नतीजों को कोई कोर्ट में चुनौती दे तो मतों की गिनती दोबारा की जा सके। राज्य चुनाव आयोग के अधिकारी संजीव महाजन ने बताया कि तहसीलदार जांच कर रहे हैं। जांच के बाद रिपोर्ट आयोग को देंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर आयोग कार्रवाई करेगा। पुलिस में मामला दर्ज करने को भी कहा गया है।