चालू रबी सीजन में हिमाचल में गेहूं के बीज की मांग बढ़ गई है। किसानों ने इस सीजन के लिए करीब 70 हजार क्विंटल बीज की डिमांड की थी। अभी तक 75 हजार क्विंटल बीज किसानों को बेचा जा चुका है। किसानों को पिछले साल सीजन में 1,300 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी दी गई थी, जबकि इस साल किसानों को यह उपदान बढ़ाकर 1,600 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
प्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों को रबी सीजन में 1,550 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूूं का बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बार प्रदेश में किसानों के लिए 38 हजार क्विंटल गेहूं बीज की पैदावार की जा सकी है। मौसम के साथ न देने के कारण प्रदेश में गुणवत्ता का बीज किसानों की मांग के अनुसार तैयार नहीं हो पाया था। इसके अलावा 37 हजार क्विंटल बीज राज्य के बाहर की एजेंसियों और कंपनियों से जुटाकर प्रदेश के किसानों को बेचा गया है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले साल किसानों की गेहूं बीज की मांग 80 हजार क्विंटल तक थी और प्रदेश में कुल 55 हजार क्विंटल गेहूं बीज उपलब्ध था। शेष बीज बाहरी राज्यों की सरकारी एजेंसियों से मंगवाया गया था।
राज्य के कृषि विभाग के एसएमएस डॉ. राजीव मिन्हास के अनुसार किसानों की ओर से गेहूं के बीज की डिमांड बढ़ गई है। इस बार पहले किसानों ने 70 हजार क्विंटल बीज की मांग की थी। जबकि, अभी तक 75 हजार क्विंटल बीज बेचा जा चुका है। 500 से 1000 क्विंटल तक गेहूं बीज की मांग अभी और है।