कोरोना महामारी के बीच फलों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। कीवी, कच्चा नारियल और मौसमी के दामों में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा पपीता भी मंहगा हुआ है। रमजान के महीने में पपीते की खपत अधिक होती है। बाजार में आमतौर पर 25 रुपये में मिलने वाली एक कीवी के दाम आजकल 50 रुपये चल रहे हैं। इतना ही नहीं जो पपीता एक माह पहले तक 40 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा था वह अब 60 रुपये किलो हो गया है।
कोरोना महामारी के बीच फलों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। कीवी, कच्चा नारियल और मौसमी के दामों में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा पपीता भी मंहगा हुआ है। रमजान के महीने में पपीते की खपत अधिक होती है। बाजार में आमतौर पर 25 रुपये में मिलने वाली एक कीवी के दाम आजकल 50 रुपये चल रहे हैं। इतना ही नहीं जो पपीता एक माह पहले तक 40 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा था वह अब 60 रुपये किलो हो गया है।
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बाजार में उपलब्ध पानी वाले नारियल के दाम भी 55 रुपये से बढ़कर 100 रुपये पहुंच गए हैं। इसके अलावा मौसमी के दाम 75 रुपये से 120 रुपये प्रतिकिलो हो गए हैं। सब्जी मंडी फल विक्रेता जसवीर सिंह ग्रोवर के मुताबिक एक हफ्ते में कच्चा नारियल, मौसमी और कीवी के दामों में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। फलों के राजा आम के दामों में कमी जरूर आई है। दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद फलों की सप्लाई घटी हैै। इस कारण शिमला की सब्जी मंडी में बढ़े दामों पर फल मिल रहे हैं।
दामों में एक हफ्ते में आया बदलाव
फल
पहले
अब
कीवी
25
50
कच्चा नारियल
55
100
मौसमी
75
120
आम
120
80
संतरे की फसल नष्ट, दाम दोगुना
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से आने वाला संतरा मंडियों में लगभग खत्म होने की कगार पर है। शहर के इक्का दुक्का विक्रेता ही की संतरा बेच रहे हैं। फल विक्रेताओं के मुताबिक अमरावती और ग्वालियर में इस बार संतरे की फसल नष्ट हुई है। इस कारण 20 फीसदी संतरा ही मार्केट में पहुंचा है। आमतौर पर 40 से 50 रुपये किलो बिकने वाले संतरे के दाम इस बार 70 से 100 रुपये चल रहे हैं। फसल कम होने से दिल्ली में आढ़ती भी संतरे को स्टोर नहीं कर पाए। ऐसे में मई के अंत तक चलने वाला संतरा अप्रैल माह में ही मंडी से गायब हो गया।