प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सोमवार को करीब सात महीने बाद सभी शिक्षक एक साथ लौटे। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार 12 अक्तूबर से सरकारी स्कूलों में सौ फीसदी शिक्षकों और गैर शिक्षकों को बुला लिया गया है। 15 मार्च से कोरोना संकट के चलते स्कूल बंद कर दिए गए थे। 21 सितंबर से सरकार ने एक दिन में पचास फीसदी शिक्षकों और गैर शिक्षकों को स्कूलों में बुलाया था। अब सोमवार से सभी शिक्षक-गैर शिक्षक स्कूलों में आएंगे।
सोमवार को स्कूलों में पहुंचे शिक्षकों ने स्टाफ रूम और कक्षाओं में बैठकर ऑनलाइन पढ़ाई की मॉनिटरिंग की। कई स्कूलों में शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार विद्यार्थियों को स्कूलों में बुलाने और उनके बैठने की व्यवस्था करने को लेकर बनाए जाने वाले माइक्रो प्लान को लेकर बैठकें भी हुईं। इसके अलावा ई-पीटीएम की तैयारियों ने भी जोर पकड़ लिया है।
15 से 17 अक्तूबर तक सरकारी स्कूलों में पहली से जमा दो कक्षा तक पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ शिक्षक संवाद करेंगे। फर्स्ट टर्म परीक्षाओं के नतीजों को अभिभावकों के साथ साझा किया जाएगा। कोरोना से बचाव को लेकर अभिभावकों को जागरूक भी किया जाएगा। उधर, गाइडेंस लेने स्कूल आए नवीं से जमा दो कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी कई शिक्षकों ने कक्षाओं और खुले परिसर में बिठाकर पढ़ाई करवाई।
इस महीने स्कूल खुलने के आसार कम
हिमाचल में इस महीने स्कूलों के खुलने के आसार बेहद कम हैं। बीते दिनों मुख्यमंत्री के होम आइसोलेट होने के चलते कैबिनेट बैठक टल गई थी। सोमवार को मुख्यमंत्री की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है। ऐसे में आगामी दस से पंद्रह दिनों के बीच कैबिनेट बैठक नहीं हो सकेगी। बैठक नहीं होने के चलते फिलहाल स्कूलों को खोलने का फैसला लटकता नजर आ रहा है।