हिमाचल प्रदेश में एक तकनीकी सहायक अब तीन ग्राम पंचायतों के वृत्त पर नियुक्त होगा। तकनीकी सहायकों की अब एक-दूसरे से सटी ग्राम पंचायतों में ही नियुक्ति होगी। इसका मकसद यह है कि इससे पंचायतों के कामकाज को प्रभावित होने से बचाया जा सकेगा। राज्य सरकार के पंचायती राज निदेशालय ने इस बारे में सभी अतिरिक्त उपायुक्तों को पत्र भेजा है। यह पत्र अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने निदेशक के हवाले से प्रेषित किया है।
राज्य में वर्तमान में तकनीकी सहायकों के स्वीकृत पदों की संख्या 1205 है। इनमें से 1039 पद अस्तित्व में हैं। 166 पद रिक्त हैं। राज्य में 3615 ग्राम पंचायतें हैं। वर्तमान में कई तकनीकी सहायकों के पास दो-तीन या इससे ज्यादा ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से कई तकनीकी सहायकों को दूर की पंचायतें दी गई हैं।
यानी उनका एक ग्राम पंचायत से दूसरी ग्राम पंचायत के मुख्यालय तक पहुंचने में ही पूरा दिन लग जाता है। एक तो पहले से ही तकनीकी सहायकों की संख्या कम होने से काम प्रभावित हो रहा है। दूसरा इससे समय भी बर्बाद हो रहा है। तकनीकी सहायकों के वृत्तों के पुनर्गठन की यह प्रस्तावना जिला परिषद को दी जा सकेगी। वही इस संबंध में निर्णय लेंगे।
क्या काम है तकनीकी सहायकों का
तकनीकी सहायकों के बगैर पंचायतों में विकासात्मक कार्य नहीं हो सकते हैं। गांव में एक सड़क बनानी हो या डंगा लगाना हो, सामुदायिक बनाना हो या कुछ भी अन्य कार्य हो, इसके तमाम तकनीकी अनुमान दस्तावेज यही सहायक बनाते हैं। यही कार्यस्थल पर जाकर कामकाज का भी मुआयना भी करते हैं।