प्रदेश के अस्पतालों में सरप्लस स्टाफ को हटाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने उपायुक्तों, जिला चिकित्सा अधिकारियों और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों से स्टाफ का ब्योरा मांगा है। सरकार के पास शिकायतें आ रही हैं कि डॉक्टर, नर्सें और पैरा मेडिकल स्टाफ डेपुटेशन पर घर के आसपास ही सेवाएं दे रहा है, जबकि शहरों के नजदीक अस्पतालों और केविड सेंटरों में स्टाफ की भारी कमी है।
डॉक्टर और नर्सें दो-दो शिफ्टों में काम रह रहे हैं। हिमाचल में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन प्रदेश में सात सौ व इससे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि हिमाचल में टेस्टिंग भी बढ़ा दी गई है। प्रतिदिन 6000 सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं।
माना जा रहा है कि नवंबर अंत या दिसंबर महीने से मामले घटन लगेंगे। सरकार ने जिला चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन मरीजों का ऑक्सीजन स्तर 90 फीसदी से कम हो, उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाए। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि सरप्लस स्टाफ को हटाया जा रहा है। विभाग से इसका ब्योरा मांगा गया है।
तीन जिलों में बढ़ रहे कोरोना के मामले
प्रदेश के तीन जिलों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं। इनमें शिमला, कुल्लू और मंडी शामिल हैं। इनमें रोजाना मरीजों का आंकड़ा डेढ़ सौ और इससे अधिक जा रहा है।