नागपुर की अंकिता सावलकर हमीरपुर में सार्वजनिक स्थल पर बना रही एनआईटी हमीरपुर की पेंटिंग।
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आपदा में अवसर कैसे ढूंढे जाते हैं, यह नागपुर की अंकिता सावलकर से सीखना चाहिए। महाराष्ट्र की रहने वाली अंकिता सावलकर नागपुर के एक स्कूल में शिक्षक है। उन्होंने बैचलर ऑफ फाइन आर्ट की पढ़ाई करने के बाद मास्टर ऑफ फाइन आर्ट की डिग्री हासिल की। इसके बाद वह नागपुर के एक स्कूल में बतौर शिक्षक विद्यार्थियों को चित्रकला की पढ़ाई करवा रही हैं। लेकिन मार्च माह के अंतिम सप्ताह में वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगाना पड़ा। जिसके चलते देशभर के शिक्षण संस्थान बंद हो गए।
लॉकडाउन की वजह से कई युवाओं का रोजगार छिन गया। अंकिता को भी स्कूल बंद होने के चलते आर्थिक तंगी से जूझना पड़ा। इस दौरान उन्होंने अपने हुनर का सही इस्तेमाल करते हुए कलाकृतियां बनाना शुरू कर दिया। अंकिता वर्तमान में हिमाचल के हमीरपुर में दीवारों पर प्राकृतिक सौंदर्य के रंग उकेर रही हैं। वह वर्तमान में हमीरपुर में 57, जबकि कांगड़ा जिले में 147 पेंटिंग बना चुकी हैं। उनके साथ नागपुर के ही एक अन्य चित्रकार द्रविड़ समेत आधा दर्जन और लोग भी हैं।
प्रदेश 25 जनवरी 2021 को पूर्ण राज्यत्व की स्वर्ण जयंती मना रहा है। जिसके चलते प्रदेश सरकार ने राज्य के समृद्ध इतिहास, प्राकृतिक कलाकृतियों, शक्तिपीठ मंदिरों, राज्य के बड़े शिक्षण संस्थानों, युद्ध स्मारक, भारत-पाकिस्तान युद्ध के दृश्य, कोरोना जागरूकता, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भवन परिसर, लोक परंपराओं को प्रदर्शित करती कलाकृतियों को प्रदेश भर के विभिन्न जिलों के सार्वजनिक स्थल में बनी सरकारी इमारतों की दीवारों, चाहरदीवारों पर रंग-बिरंगे चित्र बनाने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फेशन डिजाइनिंग (निफ्ट) कांगड़ा को टेंडर आवंटित हुआ है। निफ्ट ने इस कार्य के लिए देशभर के नागपुर समेत अन्य राज्यों के कलाकारों को अनुबंध के तहत बुलाया है। जिन्हें दैनिक वेतन का भुगतान किया जा रहा है।