युद्ध क्षेत्र, मलबे, तंग सुरंगों और संकरे इलाकों में स्नेक रोबोट की मदद से हर गतिविधि पर नजर रहेगी। यह सेना समेत सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी लाभदायक सिद्ध हो सकता है। जवाहर लाल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (जेएनजीईसी) सुंदरनगर के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों ने स्नेक रोबोट का मॉडल बनाया है। ड्रैगन जैसी गतिशीलता प्रदर्शित करने वाली यह प्रणाली उन स्थानों तक पहुंच सकती है, जहां पारंपरिक रोबोट असमर्थ होते हैं। इस मॉडल की प्रेरणा डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन) रोबोटिक स्नेक मॉडल से मिली है।
इस परियोजना में यांत्रिक इंजीनियरिंग के कई उन्नत पहलू भी शामिल हैं, जिनमें सटीक संयुक्त गति नियंत्रण, सर्वो-सिंक्ट्रोनाइजेशन, वितरित भार संतुलन और लो-पावर एंबेडेड कंट्रोल आर्किटेक्चर प्रमुख हैं। - अक्षय कंवर प्रोजेक्ट मेंटर