चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन के लिए कम पड़ी छह हेक्टेयर जमीन भी अधिग्रहण कर ली है। जमीन कम पड़ने से रेलवे का काम धीमी गति से चल रहा था। अब जमीन रेलवे के नाम होने से निर्माण में तेजी आएगी। केंद्र सरकार ने चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन प्रोजेक्ट को स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट के तहत लिया है। नालागढ़ के एसडीएम को जमीन अधिग्रहण करने के लिए सक्षम अधिकारी बनाया है।
इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण करने के लिए कार्य पिछले चार पांच सालों से चल रहा है। चंडीगढ़ से बद्दी तक रेलवे लाइन में हिमाचल में 3.4 किमी लाइन बननी है। इसके लिए हिमाचल के बद्दी तहसील के सराज माजरा लबाना, बद्दी शीतलपुर, चक जंगी, कल्याणपुर, बिलांवाली गुजरां, लंडेवाल, हरिपुर संडोली, संडोली व केंदूवाल गांव आते हैं। विभाग ने पहले इन गांवों के किसानों से 30 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की थी, लेकिन रेलवे लाइन में और जमीन आ रही थी।
इसके चलते विभाग ने चार हेक्टेयर जमीन को और अधिग्रहण करने को कहा। दो बार जमीन अधिग्रहण होने के बाद अभी 6 हेक्टेयर जमीन और लाइन के बीच आ रही थी। इस पर प्रशासन ने 6 हेक्टेयर जमीन और अधिग्रहण की। सरकार ने सर्किल रेट के आधार पर किसानों को जमीन के दाम दिए। अभी तक अधिकांश लोगों को जमीन के पैसे मिल चुके हैं।
रेलवे लाइन का काम देख कर रहे पूर्व तहसीलदार केएस लालटा ने बताया कि रेलवे ने लाइन का सर्वे करवाया था। इसमें छह हेक्टेयर किसानों की जमीन रेलवे लाइन में पाई गई थी। इस पर विभाग ने इस जमीन का अधिग्रहण करने को कहा था। प्रशासन ने उसके मुताबिक जमीन को रेलवे एक्ट की धारा 20 ए के तहत प्रस्तावना बना कर रेलवे विभाग को भेजी है।