प्रदेश शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत शिक्षकों की अधिसूचना तो जारी कर दी, लेकिन पदोन्नत प्रधानाचार्यों ने पसंद का स्टेशन न मिलने और जिले से बाहर दूरदराज के स्कूलों के लिए जारी तबादला आदेशों को मानने से इनकार कर दिया है। प्रदेश के करीब 39 प्रधानाचार्य दूरदराज के स्कूलों में ज्वाइनिंग देने से आनाकानी कर रहे हैं।
राजनीतिक संबंधों के चलते शिक्षा विभाग पर तबादला आदेश बदलने का दबाव भी डाला जा रहा है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत हुए करीब 3 दर्जन से अधिक शिक्षकों के ज्वाइनिंग ऑर्डर में संशोधन कर दिया है। हैरानी की बात है कि कुछ पदोन्नत प्रधानाचार्यों को 31 अक्तूबर, कुछ को 30 नवंबर तो कुछ को 31 दिसंबर के बाद ज्वाइनिंग के संशोधित आदेश जारी किए गए हैं।
तीन दर्जन से अधिक हेडमास्टर और स्कूल लेक्चरर अब पदोन्नति की अधिसूचना के 2 से 3 माह में पसंद के स्कूलों में प्रधानाचार्य का पद खाली होने के बाद ही वहां कुर्सी संभालेंगे। मासिक वेतन भी प्रधानाचार्य के बजाय हेड मास्टर और स्कूल लेक्चरर कैडर लेने को तैयार हैं। शिक्षा विभाग के संशोधन के कारण संबंधित 39 स्कूलों में प्रधानाचार्य के पद खाली रहेंगे।
प्रदेश शिक्षा विभाग ने 29 सितंबर को 289 स्कूल हेडमास्टर और 241 स्कूल लेक्चरर समेत करीब 530 शिक्षा अधिकारियों की स्कूल प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति की अधिसूचना जारी की थी। 39 पदोन्नत स्कूल प्रधानाचार्य की नियुक्ति का मामला अब अधर में लटक गया है। उधर, प्रदेश शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव नवनीत कपूर ने कहा कि 39 पदोन्नत स्कूल प्रधानाचार्य के संशोधित आदेश जारी कर दिए हैं।