इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना और बच्चों को सुरक्षित तथा पर्यावरण-अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराना है। सभी उपनिदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले में कार्यरत 143 ब्लॉक प्रोजेक्ट अधिकारियों की सूची, उनके मोबाइल नंबर, ईमेल पता, कुल छात्र संख्या (प्री-प्राइमरी से 12वीं तक) तथा आवश्यक बोतलों की संख्या की जानकारी 30 अप्रैल 2026 तक निदेशालय को उपलब्ध कराएं।
निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली ने निर्देश दिए हैं कि अधीनस्थ संस्थानों से जानकारी एकत्र कर समयबद्ध रूप से प्रस्ताव भेजा जाए, ताकि बोतलें समय पर सभी लाभार्थी छात्रों तक पहुंचाई जा सकें। यह योजना पूरे राज्य के सरकारी स्कूलों में लागू होगी और छात्रों को सुरक्षित पीने का पानी उपलब्ध कराने में मदद करेगी।