हिमाचल की सियासत में कांगड़ा से एक साल बाद फिर से राजनीतिक भूचाल आ गया है। कांग्रेस में पूर्व मंत्री जीएस बाली के खिलाफ वीरभद्र गुट और भाजपा में राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी तथा विधायक रमेश धवाला के खिलाफ विरोधी गुट सार्वजनिक रूप से खड़ा हो गया है। कांग्रेस में पोस्टर वार और भाजपा में पत्र बम की सियासत गर्म है। सत्ता के सिंहासन तक पहुंचाने वाले कांगड़ा में यह अंतर्कलह पूरे प्रदेश की राजनीति को बदल रही है जो मिशन 2022 के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
सियासी पंडित मानते हैं कि पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश के सबसे बड़े सियासी जिला कांगड़ा के नेताओं के बीच अंतकर्लह को शांत करने में लगे हैं। यही वजह रही कि वह दिन दिनों इंदु गोस्वामी और रमेश धवाला को ज्यादा तवज्जो देने लगे। लेकिन, मुख्यमंत्री की इन कोशिशों पर दूसरे गुट के नेता पानी फेर रहे हैं।
करीब दो हफ्ते पहले ही ज्वालाजी में अधिवक्ताओं और टाइपिस्टों के लिए बनाए गए शेड में शटर लगाए जाने पर प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा और विधायक रमेश धवाला के बीच खूब सियासी हंगामा हुआ। यह मामला अब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के पास लंबित पड़ा हुआ है। इसके अलावा कांगड़ा में मुख्यमंत्री के भरोसेमंद भाजपा नेता मुनीश शर्मा भी अपने ही नेताओं के निशाने होने से परेशान हैं।
पिछले कुछ समय से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के घर पर नेताओं का आवागमन और निचले हिमाचल में केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर की ज्यादा सक्रियता ने भी सूबे की सियासत में हलचल मचा रखी है। सियासी पंडित यह भी मान रहे हैं कि कांग्रेस और भाजपा में प्रदेशाध्यक्षों को बदलने की सुगबुगाहट भी चल रही है, जिस वजह से अंतर्कलह बढ़ती जा रही है।
कुछ दिन पहले इंदु ने बोला था त्रिलोक पर हमला
करीब डेढ़ हफ्ता पहले प्रदेश के सभी भाजपा मंडलों की वर्चुअल बैठक प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने ली थी। बैठक में राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी ने पार्टी के मंच पर सार्वजनिक रूप से उनके साथ हो रहे भेदभाव का मुद्दा उठाया था। उन्होंने प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर पर उनके क्षेत्र में हस्तक्षेप के आरोप लगाए थे। बैठक में हुए विवाद के डेढ़ हफ्ते बाद ही मंडलाध्यक्ष पालमपुर समेत पांच स्थानीय नेताओं की ओर से मुख्यमंत्री को इंदु के खिलाफ पत्र लिखना पीछे की पटकथा को बयां कर रहा है।
जीएस बाली के प्रदेश भर में फाड़े गए पास्टर
पिछले माह कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व मंत्री जीएस बाली को हिमाचल में कोरोना से लड़ने के लिए कोरोना रिलीफ कमेटी का अध्यक्ष बनाया था। राजीव गांधी जयंती पर बाली ने कांगड़ा में वर्चुअल राज्य स्तरीय समारोह करवाया और करीब 1 करोड़ रुपये की राहत सामग्री प्रदेश भर के गांवों में भेजी। समारोह के बाद विवाद हुआ और बाली के प्रदेश भर में पोस्टर फाड़े गए।