हिमाचल में निजी बसों के पहिये कभी भी जाम हो सकते हैं। हिमाचल निजी बस ऑपरेटर संघ ने इसके पीछे टैक्स माफ न करने को कारण बताया है। कोरोना काल में हिमाचल में अभी 40 फीसदी निजी बसें ही सड़क पर दौड़ रही हैं। ऑपरेटर कैबिनेट बैठक से टैक्स माफ करने के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो बसें बंद करने का निर्णय लिया जाएगा।
प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष राजेश पराशर, प्रदेश महासचिव रमेश कमल, उप प्रधान वीरेंद्र गुलेरिया, विजय ठाकुर, जितेंद्र ठाकुर, संयुक्त सचिव सुखदेव शर्मा, अखिल शर्मा, विनिया अमीन, मनु शर्मा, भारत भूषण, चंदन करीर, जरम सिंह, संदीप शर्मा, कुलबीर सिंह, विधि सचिव दिनेश सैनी, प्रवक्ता मनोज राणा, जिला कांगड़ा वेलफेयर सोसायटी के प्रधान रवि दत्त शर्मा, उपप्रधान वीरेंद्र मनकोटिया, हमीरपुर से राजकुमार, मंडी से सुरेश ठाकुर, सिरमौर से मामराज शर्मा, चंबा से रवि महाजन, बिलासपुर के प्रधान राजेश पटियाल और महासचिव राहुल चौहान, ऊना से पवन ठाकुर, रामपुर से हरमिंद्र शर्मा, रजनीश काल्टा, सरकाघाट से भीम सिंह रांगड़ा, सोलन के प्रधान जॉनी मेहता ने बताया कि 31 मार्च 2021 तक टैक्स माफ करने की मांग की है।
सरकार ने अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। संघ ने सभी निजी बस ऑपरेटरों से विचार-विमर्श कर फैसला लिया है कि निजी बस ऑपरेटरों का 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और परिवहन मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर से मिलेगा।