कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बढ़ते हुए प्रकोप के बीच कई प्रवासी मजदूर जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। 2020 में लॉकडाउन के चलते कई प्रवासी मजदूर रास्ते में ही फंस गए थे। कुछ मजदूर बेरोजगार होकर यहीं रह गए थे। प्रवासी मजदूरों को इस बार भी लॉकडाउन का डर सताने लगा है। कुछ मजदूर अपने घरों की ओर निकल चुके हैं जबकि कुछ तैयारी में हैं। मजदूरों के घर लौटने से खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की कटाई प्रभावित हो रही है। जुलाई में शुरू होने वाले सेब सीजन पर भी संकट गहराने की आशंका है।