फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पत्नी-बेटे संग खंडहरनुमा घर में रहने को मजबूर हैं पृथ्वी

Mon, 28 Jun 2021 01:07 PM IST
अरविन्द ठाकुर हितेश शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, नाहन (सिरमौर)

सार

पृथ्वी सिंह पुत्र सुंदर सिंह दशकों से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहा है। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटा है।
विज्ञापन
पृथ्वी सिंह का खंडहरनुमा घर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र व प्रदेश सरकार ने गरीबों के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई हैं लेकिन योजनाएं धरातल पर किस तरह धराशायी हो रही हैं इसका अंदाजा धारटीधार क्षेत्र के एक परिवार की स्थिति को देखते ही लगाया जा सकता है। दशकों से यह परिवार गुरबत भरी जिंदगी जीने को मजबूर है। इस परिवार के पास कहने के लिए घर तो है, लेकिन छत नहीं।

विज्ञापन


सिर छिपाने के लिए पत्थर से बनी चहारदीवारी को टीन और तिरपाल से ढका गया है। तीन सदस्यों का यह परिवार रोजी-रोटी के लिए भी तरस रहा है। कई बार आवास के लिए पंचायत में दरख्वास्त डाली गई। बावजूद इसके न घर मिला न ही अन्य कोई सुविधा। यहां बात हो रही है धारटीधार इलाके की पंजाहल पंचायत के काथला गांव में रहने वाले पृथ्वी की।  

विज्ञापन

- फोटो : अमर उजाला
पृथ्वी सिंह पुत्र सुंदर सिंह दशकों से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहा है। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटा है। पंजाहल पंचायत के काथला निवासी एवं सेवानिवृत्त खंड शिक्षा अधिकारी रामानंद ठाकुर ने बताया कि बीपीएल सर्वेक्षण वर्ष 2019-20 के अनुसार पृथ्वी सिंह गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार से संबंधित है। इससे पहले भी वह कई बार बीपीएल श्रेणी में दर्ज किया जा चुका है।

कई बार तूफान से उड़ चुकी छत, बारिश में गुजारनी पड़ीं रातें
रामानंद के अनुसार कई बार पृथ्वी सिंह ने पंचायत को अपनी स्थिति से अवगत करवाया है। बावजूद इसके पृथ्वी को आवास योजना का लाभ आज तक नहीं मिल पाया है। पृथ्वी सिंह का घर खंडहर से भी बदहाल है। टीन की छत को कई जगह तिरपाल से ढका गया है। कई बार उसके घर की छत तेज तूफान से उड़ चुकी है। कई बार रातें बारिश के बीच गुजारनी पड़ी हैं।

पंचायत प्रधान रेणु ने बताया कि पिछले साल हुए सर्वेक्षण में कई लोगों को आवास योजना में डाला गया है, जिसकी शेल्फ आनी अभी शेष है। बीडीओ अनूप शर्मा ने बताया कि इस बारे में कार्रवाई की जाएगी। पता लगाया जाएगा कि परिवार को योजना का लाभ अब तक क्यों नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें