कुल्लू जिले में इस साल मटर की रिकॉर्ड पैदावार हुई है। मटर के लिए वातावरण के अनुकूल रहने से जिले में पैदावार बढ़ी है। वर्ष 2019-20 में 50216 मीट्रिक टन मटर का उत्पादन हुआ है। वर्ष 2018-19 में मटर की 29 मीट्रिक टन पैदावार हुई थी। इस वर्ष भी रबी फसल में विभाग ने कुल्लू जिले में तीन हजार हेक्टेयर में मटर का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है। कुल्लू में मौसम के उतार-चढ़ाव के चलते भी लगातार मटर का उत्पादन बढ़ा है। जिले के किसानों की ओर से मटर की बिजाई को अधिक तरजीह दी जा रही है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जिले में मटर की फसल के लिए मौसम अनुकूल रहा है। इससे उत्पादन प्रति वर्ष बढ़ा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस वर्ष गत वर्ष के मुकाबले कुल्लू में मटर की फसल का दोगुना उत्पादन होगा। कृषि विकास अधिकारी वर्षा ने कहा कि कुल्लू में विगत पांच वर्षों से मटर के उत्पादन में वृद्धि हो रही है।
वर्ष 2019-20 में रिकॉर्ड 50216 मीट्रिक टन का जिले में उत्पादन हुआ है। कृषि विभाग के उपनिदेशक पंजवीर ने कहा कि रबी फसलों में किसान मटर की बिजाई को अधिक तरजीह दी रहे हैं। ऐसे में विभाग भी किसानों को 35 से 45 फीसदी तक अनुदान पर मटर के बीज कृषि प्रसार केंद्रों में मुहैया करवा रहा है।
मीट्रिक टन में उत्पादन
वर्ष 2015-16 - 27900
2016-17 - 28230,
2017-18 - 28950,
2018-19 - 29201
2019-20 - 50216