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और महंगी होगी खेतीबाड़ी: खरपतवार नाशक दवाइयों पर नहीं मिलेगा अनुदान, चुकानी होगी पूरी कीमत

Sat, 17 Jun 2023 10:30 AM IST
अरविन्द ठाकुर बवीता चंदेल, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर

सार

पूर्व में किसानों को 50 फीसदी अनुदान पर खरपतवार नाशक दवाइयां मिलती थीं। अब किसानों को इस बार यह सुविधा नहीं मिल पाएगी।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने किसानों को खरपतवार नाशक दवाइयों पर मिलनी वाले अनुदान को बंद कर दिया है। अब किसानों को पूरी कीमत पर ही खरपतवार नाशक दवाइयां खरीदनी पड़ेंगी। इससे आने वाले समय में खेतीबाड़ी करना और अधिक महंगी साबित होने वाली है। अनुदान के लिए बजट न मिलने का तर्क देकर कृषि विभाग ने दोटूक कह दिया है कि जब सरकार की ओर से बजट उपलब्ध होगा, तभी अनुदान मिल पाएगा।

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एक तरफ बढ़ती महंगाई ने किसानों की कमर तोड़ दी है तो दूसरी तरफ किसानों को खरपतवार नाशक दवाइयों पर अनुदान भी बंद कर दिया गया है। पूर्व में किसानों को 50 फीसदी अनुदान पर यह खरपतवार नाशक दवाइयां मिलती थीं। अब किसानों को इस बार यह सुविधा नहीं मिल पाएगी।

खरपतवार नाशक दवाइयां अटराजीन, ब्यूटाक्लोर और कार्बेन्डाजिम का प्रयोग मुख्यत: मक्की की बिजाई के बाद 72 घंटों के भीतर खेतों में अनावश्यक खरपतवार को नष्ट करने के लिए अलग-अलग माध्यमों से किया जाता है, ताकि मक्की की फसल को खरपतवार से किसी भी प्रकार का नुकसान न हो।
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खेतों में अनावश्यक घास न उगे। प्रदेशभर के किसान मुख्यत: खरपतवार नाशक दवाइयों को कृषि विभाग से अनुदान के आधार पर खरीदते हैं। इस बार उन्हें खरपतवार नाशक दवाइयों में अटराजीन की एक बोतल के लिए 450 रुपये प्रति लीटर, ब्यूटाक्लोर के लिए 570 और कार्बेन्डाजिम के लिए 620 रुपये प्रति बोतल चुकाने होंगे। 

एनएफएसएम(राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना) के अंतर्गत बजट की उपलब्धता होने पर ही किसानों को खरपतवार नाशक दवाइयां अनुदान पर मिलेंगी। वर्तमान में बजट न होने से किसानों को यह दवाइयां बिना अनुदान के ही वितरित की जाएंगी। - डॉ. अतुल डोगरा, उपनिदेशक, कृषि विभाग हमीरपुर।

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