हिमाचल प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है। बीते एक महीने से संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। चिकित्सा संस्थान सबसे ज्यादा चपेट में आए हैं। ऐसे में सरकार ने नर्सिंग और मेडिकल कॉलेज प्रबंधनों को निर्देश दिए हैं कि लंबे समय समय बाद संस्थान के हॉस्टलों में आ रहे विद्यार्थियों को बिना कोविड रिपोर्ट प्रवेश न दिया जाए। वहीं, नई बंदिशें लगाने के लिए भी सरकार मंथन में जुट गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी आगामी कैबिनेट की बैठक में कोरोना की रोकथाम के लिए सख्त फैसले लेने के संकेत दिए हैं।
सरकार ने हिमाचल के प्रवेश द्वारों पर तैनात पुलिस कर्मचारियों को बिना मास्क किसी को भी राज्य की सीमा में दाखिल नहीं होने के निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि बिना मास्क आने वाले लोगों को सीमा पर ही रोक दिया जाए। सिरमौर जिले के एक ही निजी शिक्षण संस्थान की एक साथ 41 और छात्राएं कोरोना पॉजिटिव आई हैं। इस संस्थान में अभी तक करीब 123 विद्यार्थी संक्रमित पाए गए हैं। आईजीएमसी शिमला के प्रशिक्षु डॉक्टर और प्रशिक्षु नर्सों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। शिमला के केंद्रीय विद्यालय जाखू में भी एक छात्र संक्रमित आया है।
प्रदेश में एक महीने पहले 40 से 45 कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे थे। अब इनकी संख्या सौ से ऊपर जा रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों से सतर्क रहने के लिए कहा है। सरकार ने जिला उपायुक्त, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, जिला चिकित्सा अधिकारियों और ब्लॉक मेडिकल अफसरों को अलर्ट कर दिया है। इन्हें सैंपल बढ़ाने के लिए कहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि लोग कोरोना को साधारण बीमारी के तौर पर लेने लगे हैं। मास्क न पहनना खतरनाक हो सकता है।