नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि अगर कोई आड़ लेकर पंचायतीराज चुनाव टालने की कोशिश हुई तो कांग्रेस अदालत जाएगी। सरकार पंचायतीराज चुनाव टालकर सांविधानिक संकट खड़ा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पहले कोरोना संक्रमण और अब नई पंचायतों के बहाने चुनाव टालने की कोशिश की जा रही है। मुकेश ने कहा कि जनवरी तक नई पंचायतों का गठन होना है।
इसके लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब सरकार नई पंचायतें बनाना चाहती है। नई पंचायतों का मतलब सिर्फ यह नहीं कि मंत्रिमंडल ने कह दिया तो अंतिम हो जाएगा। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया है, जो इतने कम समय में संभव नहीं है। जाहिर है कि सरकार चुनावों के लिए तैयार नहीं है। इसीलिए चुनाव नहीं करवाना चाहती है। मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाया नहीं जा सकता है। ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इसीलिए चहेती कमेटियों को थोपकर सरकार पंचायतों पर काबिज होने की फिराक में है।
मुकेश ने कहा कि नई पंचायतें बनाने की अगर सरकार की मंशा थी तो उसके लिए सारी औपचारिकताएं पिछले साल से शुरू होनी चाहिए थीं। इस बारे में बीते साल कैबिनेट में मसौदा गया, जिसे बिना निर्णय के वापस कर दिया गया। कहा कि एकाएक पंचायतें बनाने की बात आ गई है। इससे चुनाव कम से कम एक साल टलेंगे। कहा कि यह सरकार यू टर्न लेने के लिए मशहूर है। पंचायतें बनाने के लिए भी यही हो रहा है। सही मायनों में सरकार रोस्टर प्रभावित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि आननफानन में जयराम सरकार जागी है। कोरोना काल में भारी-भरकम वित्तीय बोझ भी सरकारी खजाने पर पड़ेगा।