अस्पताल आने वाले लोगों में अगर कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें घर में आइसोलेट किया जाएगा। उन्हें दवा किट के साथ ऑक्सीमीटर भी दिया जाएगा। अस्पताल प्रशासन यह किट निशुल्क देगा। पॉजिटिव व्यक्ति घर में आइसोलेशन के दौरान दवाओं का सेवन करने के साथ आक्सीजन लेवल की जांच भी कर सकेंगे।
अगर किसी का आक्सीजन लेवल 90 फीसदी से ऊपर जाता है तो उन्हें अस्पताल आने के लिए 108 एंबुलेंस के लिए फोन करना होगा। ऐसे लोगों को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। हिमाचल में कोरोना से रोजाना 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। संक्रमण के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शिमला, मंडी और कुल्लू जिले में कोरोना के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
हालांकि, सरकार ने कोरोना मरीजों की पहचान के लिए घर-घर जाकर सैंपल लेने का फैसला लिया है। जीवन धारा योजना में 10 जिलों के लिए वैन भेजी गई हैं। इनमें डॉक्टर, फर्मासिस्ट और नर्स सहित 5 लोगों का स्टाफ है। ये कर्मचारी सर्दी, खांसी और जुकाम जैसे लक्षणों वाले लोगों के सैंपल लेंगे। पॉजिटिव आने पर इन्हें या तो अस्पताल लाया जाएगा, या घर में ही आइसोलेट किया जाएगा। ये आशा वर्कर या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की निगरानी रहेंगे।
अस्पताल आने वाले मरीजों में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें घर में ही आइसोलेट किया जाएगा। संक्रमित व्यक्ति अगर अन्य बीमारी से भी ग्रस्त होंगे तो उन्हें अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। घर में आइसोलेट होने वाले लोगों को दवा किट के साथ ऑक्सीमीटर भी दिया जाएगा। किसी का आक्सीजन लेवल 90 फीसदी से ऊपर जाता है तो उसे अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।
- अमिताभ अवस्थी, स्वास्थ्य सचिव