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हिमाचल में बारिश, चोटियों में बर्फबारी से मनाली-लेह सामरिक मार्ग बंद

Thu, 13 May 2021 05:44 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में गुरुवार को बादल बरसे। चोटियों में बर्फबारी होने से मनाली-लेह सामरिक मार्ग बंद हो गया है। गुरुवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में सामान्य से चार डिग्री की कमी दर्ज हुई। शुक्रवार को भी प्रदेश के मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 मई से मैदानों और अन्य जिलों में 17 मई के बाद मौसम साफ होने का पूर्वानुमान है। पिछले एक सप्ताह से कुल्लू व लाहौल-स्पीति में मौसम खराब बना हुआ है।
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रिज मैदान शिमला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में गुरुवार को बादल बरसे। चोटियों में बर्फबारी होने से मनाली-लेह सामरिक मार्ग बंद हो गया है। गुरुवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में सामान्य से चार डिग्री की कमी दर्ज हुई। शुक्रवार को भी प्रदेश के मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 मई से मैदानों और अन्य जिलों में 17 मई के बाद मौसम साफ होने का पूर्वानुमान है। पिछले एक सप्ताह से कुल्लू व लाहौल-स्पीति में मौसम खराब बना हुआ है।

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बुधवार रात से ऊंची चोटियों पर बर्फबारी जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश जारी है। ताजा बर्फबारी से सामरिक मनाली-लेह मार्ग बंद हो गया है। बीआरओ ने 10 मई को ही तीन सप्ताह बाद इसे यातायात के लिए बहाल किया था। ऐसे में मनाली-लेह मार्ग पर एक बार फिर वाहनों की रफ्तार थम गई है। रोहतांग, बारालाचा व कुंजुम दर्रा सहित ऊंची चोटियों में ताजा बर्फबारी हुई है।

लेह जाने वाले वाहनों को दारचा में रोका गया है। जिला कुल्लू में अप्रैल माह से लगातार बारिश ,ओलावृष्टि और अंधड़ के कारण सेब सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। बारिश से बगीचों में नमी की मात्रा भी अधिक होने से फफूंद के पनपने के कारण स्कैब सहित कई बीमारियों की संभावना बढ़ गई है। वहीं मटर, टमाटर, लहसुन, गोभी, जौ, गेहूं और ऊपरी इलाकों में सेब को भी ओलावृष्टि और बारिश से अब नुकसान पहुंचा है।
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लगातार बिगड़ते मौसम से जिला के किसान-बागवान चिंतित है। जिला कांगड़ा में बुधवार देर रात और गुरुवार सुबह हुई बारिश के कारण जिले के बागबानों को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। जिला के धर्मशाला, नगरोटा बगवां, रैत और भवारना ब्लाकों में बागबानों को नुकसान हुआ है। वीरवार को जिला के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी भी दर्ज की गई।

बारिश के कारण जिले के ऊपरी क्षेत्रों में गेहूं और आलू की फसल को बारिश से खासा नुकसान पहुंचा है। जिला सिरमौर के ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि ने किसानों सहित बागवानों की भी कमर तोड़ दी है। पिछले दो-तीन दिन से बारिश के साथ तेज अंधड़ व ओलावृष्टि होने से फलों सहित सब्जियों को भी नुकसान हुआ। गत्ताधार क्षेत्र की आधा दर्जन पंचायतों में भारी ओलावृष्टि के चलते सेब व खुमानी के फल झड़ गए। कई फल पेड़ पर ही ओलावृष्टि से नष्ट हो गए।

टमाटर के पौधे भी खेतों में पूरी तरह तहस नहस हो गए। राजधानी शिमला में वीरवार को दिन भर रूकरूक पर बारिश का दौर जारी रहा। शाम करीब पांच बजे के बाद मौसम साफ हुआ। वीरवार को ऊना में अधिकतम तापमान 28.2, नाहन में 25.1, बिलासपुर में 24.9, हमीरपुर में 23.8, कांगड़ा में 22.4, धर्मशाला में 21.2, चंबा में 20.9, सुंदरनगर में 18.9, शिमला में 15.7, भुंतर में 14.2, डलहौजी में 11.9, केलांग में 10.3 और कल्पा में 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

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