राज्य चुनाव आयुक्त की कुर्सी के लिए सेवानिवृत्त और सेवारत अफसरों में रस्साकशी शुरू हो गई है। इस ओहदे के तलबगार कई अधिकारी एक-दूसरे को पछाड़ने में जुटे हैं। सीएम कार्यालय में लॉबिंग कर रहे हैं। बीते 31 मई को पूर्व मुख्य सचिव पी. मित्रा के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद खाली चल रहा है। इस पद के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आरडी धीमान और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा के नाम चर्चा में हैं।
पुनर्नियुक्ति के बाद मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव का काम देख रहे आरएन बत्ता भी इस कुर्सी के तलबगार बताए जाते हैं। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों में पूर्व मुख्य सचिव विनीत चौधरी, पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय मित्तल, मनीषा नंदा आदि के नाम भी चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री तमाम विकल्पों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। जल्दी ही इस संबंध में निर्णय हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य मुख्य चुनाव आयुक्त हिमाचल प्रदेश में नगर निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवाता है। अगले साल नगर निगम शिमला के भी चुनाव होने जा रहे हैं। आगे कई उपचुनाव भी होने हैं। इन चुनावों में राज्य मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका अहम होती है।
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जहां इस पद को खुद के लिए एक अवसर की तरह ले रहे हैं, वहीं सेवानिवृत्ति की कगार पर बैठे अधिकारियों के लिए भी यह अगले पांच साल संवारने का मौका है। सचिव पंचायती राज संदीप भटनागर का कहना है कि जल्द ही राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति कर दी जाएगी। इस बारे में आवश्यक प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है।