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Kinnaur News: सड़क के नीचे दबे पेयजल स्रोतों से सापनी में हो रहा भू-धंसाव

Fri, 10 Feb 2023 01:21 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, सांगला (किन्नौर)

सार

किन्नौर की सापनी पंचायत में वर्ष 2021-22 से भूस्खलन हो रहा है। वर्ष 1984 में सापनी पंचायत के लिए ब्रुआ से सड़क निर्माण हुआ था। इसके भूस्खलन प्रभावित कांदरालेस स्थान में पानी के करीब 17 प्राकृतिक स्रोत दब गए थे।
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सापनी गांव में जलशक्ति विभाग की टीम भू धंसाव क्षेत्र का निरीक्षण करती हुई। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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किन्नौर जिले की सापनी पंचायत में हो रहे भूस्खलन की वजह सड़क के नीचे दबे प्राकृतिक पेयजल स्रोत हैं। भू वैज्ञानिकों की प्रशासन को सौंपी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इसमें प्रारंभिक तौर पर पेयजल स्रोतों का दबना, सीवरेज प्रणाली की उचित व्यवस्था न होना और किसान और बागवानों द्वारा खेतों में की जा रही सिंचाई को भूस्खलन का कारण माना जा रहा है।

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जिला प्रशासन ने जल शक्ति विभाग को पेयजल की निकासी और आवश्यक स्थानों पर क्रेटवॉल लगाने के निर्देश दिए हैं। किन्नौर की सापनी पंचायत में वर्ष 2021-22 से भूस्खलन हो रहा है। वर्ष 1984 में सापनी पंचायत के लिए ब्रुआ से सड़क निर्माण हुआ था। इसके भूस्खलन प्रभावित कांदरालेस स्थान में पानी के करीब 17 प्राकृतिक स्रोत दब गए थे। 

इसके बाद भूमिगत प्राकृतिक स्रोतों का पानी विभिन्न स्थानों से निकलना शुरू हो गया था। भूमि कटाव को देखते हुए यहां बन रही सड़क का कार्य रोक दिया गया था।  वर्तमान समय में सापनी गांव के नीचे भूस्खलन का सिलसिला जारी है। इससे गांव की करीब 15 हेक्टेयर भूमि भूस्खलन की चपेट में आ गई है। भूस्खलन के कारण ग्रामीणों में भी खौफ बना हुआ है। लोगों की मांग के बाद मौके पर भू वैज्ञानिकों की टीम पहुंची और निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट उपायुक्त किन्नौर को सौंपी है। 
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जलशक्ति विभाग की टीम ने किया मौके का निरीक्षण
वीरवार को जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता अमृतराज नेगी सहित विभाग कर्मी देवासुख नेगी, दीवान नेगी, रोहित नेगी, योगराज नेगी और विरेंद्र प्रताप का दल मौके पर पहुंची और प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। इसके बाद सामने आया कि कांदरालेस में 17 स्थानों पर भूमिगत पानी निकल रहा है। इस पानी को अब चेंबर और पाइप लगाकर बास्पा नदी में छोड़ा जाएगा। जिन स्थानों पर भूस्खलन का अधिक खतरा बना हुआ है, वहीं सुरक्षा दीवारें लगाई जाएंगी।

जलशक्ति विभाग को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में पानी की सही निकासी और क्रेटवॉल लगाने के निर्देश दिए हैं। सापनी गांव को बचाने के लिए जिला प्रशासन और सरकार गंभीर है। - सुरेंद्र सिंह राठौर, उपायुक्त किन्नौर 

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में निकल रहे भूमिगत पानी की उचित निकासी का कार्य शुरू किया जाएगा। विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार की है। जल्द ही पानी की निकासी और क्रेटवॉल लगा दी जाएगी, जिससे भू धंसाव को रोकने में  मदद मिले।  - अभिषेक शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग रिकांगपिओ

बागवानी मंत्री से मिले लोग, भू-धंसाव रोकने के लिए कदम उठाए सरकार
ग्राम पंचायत सापनी और ग्राम कांग्रेस कमेटी का प्रतिनिधिमंडल शिमला में जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी से मिला। इस दौरान ग्रामीणों ने सापनी में हो रहे भू धंसाव को रोकने, सापनी से लेकर बटूर गांव तक संपर्क मार्ग की सुविधा देने, सापनी से लेकर कंडे तक संपर्क मार्ग निर्माण करने, सिंचाई कूहल का निर्माण करने और सीवरेज की व्यवस्था मुहैया करवाने की मांग रखी।

प्रतिनिधिमंडल में ग्राम पंचायत प्रधान सापनी कृष्णा नेगी, ग्राम कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष छैरिेंग नेगी, जिला कांग्रेस किन्नौर सचिव टेक चंद नेगी, पूर्व बीडीसी सदस्य बटूरी बलवंत नेगी, बीसीसी सचिव भजन लाल नेगी, मनोज नेगी, मनमोहन, अरुण कुमार, रामपाल मौजूद रहे। इन मांगों को जल्द पूरा करने के लिए के लिए बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आश्वासन दिया कि जल्द इन मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

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