हिमाचल के पर्यटन कारोबारियों को टूरिज्म ट्रेड फेयर में मार्केटिंग का उपयुक्त मौका नहीं मिला। आमतौर पर ऐसे आयोजनों में राज्यवार स्थान आरक्षित रहते हैं, लेकिन अहमदाबाद में अव्यवस्था रही।
गुजरात के अहमदाबाद में 6 से 8 सितंबर के बीच हुए टूरिज्म ट्रेड फेयर में हिमाचल के पर्यटन कारोबारियों को अनदेखी का सामना करना पड़ा। गुजरात विश्वविद्यालय के सभागार में हुए इस आयोजन के दौरान अव्यवस्था का आलम रहा। हिमाचल के 165 पर्यटन कारोबारियों को पहले दिन सभागार के भीतर स्टाल लगाने के लिए स्थान उपलब्ध नहीं करवाया गया। भीषण गर्मी के बीच बिना एसी खुले मैदान में स्टाल लगाने पड़े और दो स्टालों के लिए एक पंखा उपलब्ध करवाया गया।
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इतना ही नहीं, हिमाचल के स्टालों को प्रदर्शित करने के लिए सही तरीके से संकेतक भी नहीं लगाए गए। इस कारण हिमाचल के पर्यटन कारोबारियों को गुजरात के लोगों से संवाद का उपयुक्त मौका नहीं मिला। आयोजन में शामिल हुए फेडरेशन ऑफ हिमाचल होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नविल गुप्ता ने बताया कि इस अव्यवस्था के कारण नवरात्र से शुरू होने वाले टूरिस्ट सीजन के दौरान हिमाचल के पर्यटन कारोबारियों को उठाना पड़ सकता है। हालांकि, जब पर्यटन कारोबारियों ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग को इसे लेकर अवगत करवाया तो निदेशक अमित कश्यप से हस्तक्षेप के बाद व्यवस्थाओं में कुछ सुधार आया।
हिमाचल के पर्यटन कारोबारियों को टूरिज्म ट्रेड फेयर में मार्केटिंग का उपयुक्त मौका नहीं मिला। आमतौर पर ऐसे आयोजनों में राज्यवार स्थान आरक्षित रहते हैं, लेकिन अहमदाबाद में अव्यवस्था रही। हिमाचल के स्टालों पर उपस्थिति बेहद कम रही। आगामी पर्यटन सीजन पर इसका असर पड़ सकता है। - गजेंद्र चंद ठाकुर, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ हिमाचल होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन
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टूरिज्म ट्रेड फेयर में हिमाचल की सबसे अधिक सहभागिता रहती है। पर्यटन कारोबारियों ने जैसे ही अव्यवस्था को लेकर सूचित किया तुरंत संबंधित अधिकारी को मौके पर भेजा गया। भविष्य में यदि टूरिज्म ट्रेड फेयर में आयोजक सही इंतजाम नहीं करेंगे तो हिमाचल इनमें भाग नहीं लेगा। - अमित कश्यप, निदेशक, पर्यटन विभाग, हिमाचल प्रदेश
गुजरात के ट्रैवल एजेंट्स ने किया था शिमला का बायकाट
शिमला शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या के चलते टूरिस्ट बसों को शहर में प्रवेश न दिए जाने पर पिछले साल गुजरात ट्रैवल एजेंट्स ने शिमला का बायकाट कर दिया था। गुजरात का टूरिस्ट शिमला न आकर उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर डायवर्ट हो गया था, जिससे शिमला के पर्यटन कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा।