पेंशनर्स कल्याण संगठन के प्रधान सत्य प्रकाश शर्मा ने कहा कि निगम प्रशासन और सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेताया है कि पेंशनरों की अनदेखी विधानसभा चुनाव में सरकार पर भारी पड़ सकती है।
हिमाचल प्रदेश राज्य पथ परिवहन निगम पेंशनर्स कल्याण संगठन ने कहा कि निगम प्रबंधन और सरकार हजारों सेवानिवृत्त कर्मियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाए। यह उपेक्षा जारी रही तो अब उन्हें मजबूरन आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा। सरकार ने अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो विधानसभा चुनाव में पेंशनर नोटा का बटन दबाने से पीछे नहीं हटेंगे।
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पेंशनर्स कल्याण संगठन के प्रधान सत्य प्रकाश शर्मा ने कहा कि निगम प्रशासन और सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेताया है कि पेंशनरों की अनदेखी विधानसभा चुनाव में सरकार पर भारी पड़ सकती है। एचआरटीसी पेंशनरों की 350 करोड़ों की वित्तीय देनदारियां लंबित हैं। एचआरटीसी से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की स्थिति दयनीय है। पेंशनरों की करोड़ों की वित्तीय देनदारियां लंबित हैं।
पेंशनरों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है। कुछ माह पहले सरकार और पेंशनरों ने माह के पहले सप्ताह में पेंशन देने का वायदा किया था। पेंशनरों को विलंब से पेंशन मिल रही है, जिससे उन्हें बुढ़ापे के समय में वित्तीय तंगी से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और पथ परिवहन निगम से जल्द से जल्द राहत देने की मांग उठाई है। शर्मा ने कहा कि 12 मई को प्रदेश भर के एचआरटीसी पेंशनर्स शिमला में जुटेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। सरकार यदि उनकी मांग नहीं मानती है तो आने वाले समय में आंदोलन करेंगे।