शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन में तैनात प्रवक्ता साइकोलॉजी गीतांजलि कश्यप को छह महीने का सेवा विस्तार दिया गया है। गीतांजलि कश्यप ने इस माह 28 तारीख को 58 वर्ष की आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होना था।
हिमाचल प्रदेश में आर्थिक तंगी का हवाला देने वाली कांग्रेस सरकार अब अपने ही फैसले को लेकर सवालों के घेरे में है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल की बेटी गीतांजली कश्यप को सेवानिवृत्ति से पहले छह महीने का सेवाविस्तार दे दिया गया है। गीतांजली कश्यप जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) सोलन में लेक्चरर (साइकोलॉजी) के पद पर कार्यरत हैं और इसी माह रिटायर होने वाली थीं। सरकार ने उन्हें 1 मार्च से 31 अगस्त तक सेवा विस्तार प्रदान किया है।
सोशल मीडिया में किरकिरी
सरकार के इस निर्णय के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विपक्षी दल और कई युवा संगठनों का आरोप है कि एक ओर सरकार आर्थिक संकट का हवाला देकर खर्चों में कटौती की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अपने प्रभावशाली लोगों को पुनर्नियुक्ति और सेवा विस्तार दे रही है।
हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल की बेटी गीतांजलि कश्यप को सेवा विस्तार दिया गया है। वह लेक्चरर साइकोलॉजी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन में तैनात हैं। उन्हें छह महीने का सेवा विस्तार दिया गया है। गीतांजलि कश्यप को पति और पिता की सियासी जंग के बीच एक्सटेंशन मिली है।
हिमाचल की राजनीति में यह दिलचस्प मामला सुर्खियों में है। एक ओर जहां डॉ. राजेश कश्यप भाजपा से जुड़े हैं, वहीं दूसरी ओर उनके ससुर कर्नल धनीराम शांडिल कांग्रेस सरकार में मंत्री पद पर आसीन हैं। अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े इस परिवार में सियासी मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन हाल ही में बेटी गीतांजलि कश्यप को मिला एक्सटेंशन चर्चा का विषय बन गया है।