फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शोध: जल्दी बूढ़ा होने से बचाएंगे फल, कैंसर जैसे रोगों के निदान के लिए भी कारगर

Wed, 14 Apr 2021 03:35 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

सेब, संतरा, चेरी, ब्लूबेरी जैसे फलों के निरंतर सेवन से बुढ़ापा देरी से आता है। कैंसर जैसे खतरनाक रोगों को भी ये फल पनपने से रोक देते हैं या इनका निदान करने में सहायक होते हैं। इनसे शरीर में एंटी ऑक्सीडेंट्स और अन्य सकारात्मक क्रियाएं बढ़ जाती हैं। केचुओं, चूहों और लोगों पर हुए शोधों से यह बात सामने आई है।
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सेब, संतरा, चेरी, ब्लूबेरी जैसे फलों के निरंतर सेवन से बुढ़ापा देरी से आता है। कैंसर जैसे खतरनाक रोगों को भी ये फल पनपने से रोक देते हैं या इनका निदान करने में सहायक होते हैं। इनसे शरीर में एंटी ऑक्सीडेंट्स और अन्य सकारात्मक क्रियाएं बढ़ जाती हैं। केचुओं, चूहों और लोगों पर हुए शोधों से यह बात सामने आई है।

विज्ञापन


हिमाचल प्रदेश के शूलिनी विश्वविद्यालय, हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान शिमला, क्रेनफील्ड यूनिवर्सिटी यूके और बोहेमिया के ह्रादेक विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के संयुक्त शोध पत्र में इसका खुलासा किया गया है। इसे एक अंतरराष्ट्रीय जर्नल में छापा गया है। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान से इसमें अश्वनी तपवाल जबकि शूलिनी विश्वविद्यालय से रजनी धलारिया, रचना वर्मा, दिनेश कुमार, सुनील पुरी आदि शामिल रहे हैं। 

इस शोध पत्र के अनुसार कई फलों और सब्जियों का परीक्षण किया गया है। ये कई मुक्त कणों को बेअसर कर सकते हैं। ये मुक्त कण डीएनए और सेल मेंबरेंस को ऑक्सीडेटिव तनाव से नष्ट कर सकते हैं। ये बुढ़ापे को जल्दी लाने या बढ़ी हुई उम्र का असर लाते हैं। कई फलों में एंटी ऑक्सीडेंट्स बुढ़ापे के निदान, दिल की बीमारी, कैंसर आदि उम्र बढ़ने से संबंधित बीमारियों को रोकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
संतरा- एक प्रयोग के अनुसार संतरे के छिलके का 50 मिली ग्राम के हिसाब से सेवन किया गया। इसे छह से आठ महीने पुराने पांच नर चूहों पर किया गया। 14 दिन तक किए गए इस प्रयोग से उनमें ट्यूमर के आकार को घटाने में सफलता हासिल की गई। 

सेब- केंचुआ प्रजाति के एक कीडे़ पर चार दिन के लिए पूरे सेब के अर्क का इस्तेमाल किया गया। इससे इसकी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा किया गया। इससे उसका जीवन चक्र बढ़ गया। सेब के छिलके के अर्क का प्रयोग छह हफ्ते पुराने आठ नर चूहों पर किया गया। यह 10 सप्ताह तक किया गया। इससे ब्लड ग्लूकोज कंसेंट्रेशन घट गया। 

ब्लूबेरी- ब्लूबेरी जूस का चार सप्ताह पुराने 6 नर चूहों पर प्रयोग किया गया। इसे 12 सप्ताह के लिए किया गया। यह शरीर का वजन, ग्लूकोल सीरम स्तर घटाने में सहायक रहा। इससे इंसुलिन रेंजिस्टेंस में सुधार हुआ। 

लाल अंगूर, चेरी- लाल अंगूर के सेल पाउडर का इस्तेमाल 50 वयस्कों पर किया गया। इनमें 35 पुरुष और 15 महिलाएं थीं। इनमें प्री या माइल्ड हाइपरटेंशन था। ये 35 से 70 साल उम्र के थे। इन्हें 200 से 400 मिली ग्राम प्रति दिन के हिसाब से 12 सप्ताह तक इसका सेवन करवाया गया। इससे डायसटोलिक ब्लड प्रेशर घट गया। ऑक्सीडेटिव तनाव में भी इससे कमी दर्ज की गई।

इसी तरह से लाल अंगूर जूस का 100 मिली लीटर प्रतिदिन के हिसाब से 32 हीमोडायलिसीज मरीजों से सेवन करवाया गया। इससे कुल कोलेस्ट्रोल से प्लाज्मा कंसेट्रेशन घट गया। चेरी के अर्क के प्रयोग से ब्रेस्ट कैंसर सेल पर उपचारात्मक प्रभाव देखा गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें