सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग के मध्य रोहतांग दर्रा से नीचे बनी नौ किलोमीटर लंबी अटल टनल रोहतांग देशभर के पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है। तीन अक्तूबर, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधुनिक तकनीक से बनी अटल टनल का उद्घाटन किया था।
इसके बाद इसे पांच लाख सैलानी निहार चुके हैं। सबसे अधिक पर्यटक दिसंबर 2020 और जनवरी 2021 में पहुुंचे हैं। इन दो महीनों मेें मनाली में चार लाख आठ हजार पर्यटक पहुंचे। इस दौरान सबसे अधिक सैलानी टनल देखने पहुंचे। 2019 को इन दो महीनों में मनाली में दो लाख 70 हजार पर्यटक आए थे। अटल टनल ने कोरोना संकट के बीच रिकॉर्ड पर्यटकों को आकर्षित किया है। नौ किलोमीटर से भी लंबी डबललेन टनल बनाने में बीआरओ को दस साल का समय लगा है।
अक्तूबर से फरवरी तक विंटर सीजन में मनाली में छह लाख 54 हजार 622 पर्यटक पहुंचे हैं, जबकि इन्हीं पांच महीनों के दौरान 2019-20 में आठ लाख 67 हजार 645 सैलानी आए थे। पर्यटन विभाग कुल्लू से जारी आंकड़ों से साफ है कि दिसंबर के बाद अभी तक मनाली व अटल टनल के दीदार को पहुंचने वाले सैलानियों में भारी इजाफा हुआ है।
दस हजार से अधिक ऊंचाई पर बनने वाली दुनिया की पहली ट्रैफिक टनल है। इसके निर्माण से जनजातीय क्षेत्र लाहौल 12 महीने देश व दुनिया से जुड़ा रहेगा। होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने कहा कि अटल टनल कुल्लू-मनाली के पर्यटन के लिए नई पहचान बन गई है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि अटल टनल में करीब पांच लाख पर्यटक पहुंचे हैं।
अटल टनल पर आया है 3500 करोड़ का खर्च
दस साल में बनी नौ किमी लंबी अटल टनल रोहतांग का निर्माण सीमा सड़क संगठन ने एफकॉन समेत कई अन्य विदेशी कंपनियों के सहयोग से किया है। इस पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। टनल से मनाली-लेह की दूरी 46 किलोमीटर कम हुई है।
विंटर सीजन में मनाली पहुंचे पर्यटक की संख्या
माह 2019-20 2020-21
अक्तूबर 207897 61841
नवंबर 283584 85746
दिसंबर 116030 210762
जनवरी 158345 196274
फरवरी 103789 सवा एक लाख (अनुमानित)