हिमाचल प्रदेश में गेहूं की बिजाई से पहले ही खाद का संकट पैदा हो गया है। हिमफेड के स्टोरों में न मिश्रित खाद मिल रही है और न ही सुपर या पोटाश जैसी खादें ही मिल रही हैं। भाजपा के पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता और सेब बागवान चमन चौहान ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से कहा है कि हिमफेड के स्टोरों में किसानों और बागवानों के लिए खादें उपलब्ध नहीं हैं।
बागवान हर रोज हिमफेड के स्टोरों के चक्कर काट रहे हैं। न तो 12: 32:16 और न ही 15:15:15 सुफला, न ही सुपर या पोटाश उपलब्ध हैं। खादों के न मिलने से किसान-बागवान परेशान हैं। बागवानों के बगीचों में इस साल स्कैब रोग ने भी दस्तक दे दी है। इस रोग की रोकथाम के लिए बागवानों को अपने बगीचों में यूरिया खाद की स्प्रे करनी पड़ती है।
इस स्प्रे को करने की सलाह नौणी यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ. विजय सिंह ठाकुर भी दे रहे हैं। चमन चौहान ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि खड़ापत्थर के हिमफेड स्टोर में जल्द से जल्द खादें उपलब्ध कारवाई जाएं, जिससे समय रहते किसान-बागवान अपने बगीचों में खाद डाल सकें।
उधर हिमफेड के अध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा कि खाद का संकट पैदा होने की वजह पंजाब में चल रहे किसान संगठनों के आंदोलन हैं। किसान संगठनों ने रेल की पटरियां तक जाम कर दी हैं। इससे खाद की आपूर्ति बाधित हो रही है। उम्मीद है कि जल्दी ही सप्लाई सुचारू होगी।