सेब और पर्यटन के साथ हिमाचल का नाम उन्नत किस्म के आलू उत्पादन के लिए भी देश-विदेश में विख्यात होना चाहिए। आलू उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार को सीपीआरआई से सुझाव लेने चाहिए। केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के 76वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में यह बात राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, कृषि सचिव सीपीआरआई निदेशक के साथ बैठक करें, मैं भी मौजूद रहूंगा। पैदावार बढ़ाने के अलावा आलू आधारित उद्योग भी स्थापित होने चाहिए। चीन के बाद भारत का आलू उत्पादन में दूसरा स्थान है। वैश्विक आलू उत्पादन का 15 प्रतिशत भारत में हो रहा है। प्रदेश में 14,000 हेक्टेयर में आलू की खेती कर दो लाख टन उत्पादन हो रहा है। उत्पादन बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास करने चाहिए। राज्यपाल ने किसानों को कृषि उपकरण भी वितरित किए। कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड दिल्ली के चेयरमैन डॉ. संजय कुमार ने आलू के व्यवसायिक उत्पादन और प्रसंस्करण पर जोर दिया। शिमला नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान भी मौजूद रहे। निदेशक डॉ. ब्रजेश सिंह ने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी। सामाजिक विज्ञान प्रभाग के प्रमुख डॉ. आलोक कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।