यह है मामला
एसआईटी की मानें तो ठगी का खेल वर्ष 2018 से चल रहा था। शुरुआत में आरोपियों ने कई लोगों को निवेश के 11 माह बाद पैसे डबलकर भी दिए। इसके बाद जब लोगों को तीन साल बाद पैसे नहीं मिले तो पीड़ित पुलिस में शिकायतें करने लगे। एसआईटी के मुताबिक मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां होनी हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है। गिरफ्तारी के डर से कई आरोपी भूमिगत हुए हैं। कई एजेंटों ने गिरफ्तारी के डर से लोगों को पैसा लौटाना भी शुरू कर दिया है। आरोपियों ने हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा के लोगों को भी ठगा है। मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़ में इनकी संपत्तियां हैं।
क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले के मुख्य आरोपी सुभाष ने अपने दोस्त जुनेजा के खाते में 40 लाख रुपये डाले थे। इस राशि को सीज कर दिया है। तफ्तीश जारी है। अभी कई और गिरफ्तारियां होंगी- अभिषेक दुल्लर, एसआईटी प्रमुख और डीआईजी उत्तरी रेंज