हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2025 तक हर व्यक्ति को शिक्षित बनाने के लिए सरकार ने कार्यकारी कमेटी गठित कर दी है। केंद्र सरकार के पढ़ना लिखना अभियान के तहत हिमाचल के छह जिलों का चयन हुआ है। शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में दो वर्ष के लिए 17 सदस्यीय कार्यकारी कमेटी गठित की गई है। 15 से 80 वर्ष की आयु के लोगों को अभियान से जोड़कर साक्षर किया जाएगा।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत शिक्षा सचिव इस कार्यकारी कमेटी के अध्यक्ष और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सदस्य सचिव होंगे। कमेटी में सचिव वित्त, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, आईटी, स्वास्थ्य, युवा सेवाएं एवं खेल, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज और शहरी विकास सदस्य बनाए गए हैं। इन विभागों के सचिव अपनी जगह उपसचिव स्तर तक के अधिकारी को भी मनोनीत कर सकेंगे।
कमेटी में उच्च शिक्षा निदेशक, एनआईओएस धर्मशाला के क्षेत्रीय निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक, प्रिंसिपल एससीईआरटी, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा कुल्लू और मंडी तथा प्रिंसिपल डाइट चंबा को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। पढ़ना लिखना अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश के छह जिलों चंबा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल स्पीति, मंडी और सिरमौर जिले को शामिल किया गया है।
वर्ष 2025 तक हर व्यक्ति को बुनियादी शिक्षा देने के लिए अभियान चलाया गया है। प्रौढ़ शिक्षा की तर्ज पर ही पढ़ना लिखना अभियान शुरू होगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने बजट जारी कर दिया है। 90:10 के अनुपात में हिमाचल को यह बजट मिला है। 2.25 करोड़ केंद्र सरकार ने दिया है। 26 लाख रुपये प्रदेश का हिस्सा होगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति सहित अन्य वर्गों को इस अभियान में जोड़ा जाएगा।