सस्ते राशन की दुकानों में बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगाने की बजाय ओटीपी से राशन लेना उपभोक्ताओं के लिए आफत बन गया है। कई उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर बदल गए हैं तो कइयों के ये नंबर परिवार में बाहर कमाने वाले व्यक्ति के पास हैं। इससे ओटीपी आधार पर राशन लेना लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
उधर, बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगाने से संक्रमण का भी खतरा बना हुआ है। इसके चलते सरकार ने बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगाने की बजाय ओटीपी के आधार पर राशन देने की व्यवस्था की है, लेकिन उपभोक्ताओं के नंबर मेल न खाने से उन्हें ओटीपी नहीं आ रहे हैं। उन्हें मजबूरन बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगाकर राशन लेना पड़ रहा है।
हमीरपुर जिले के उपभोक्ताओं में राजेश कुमार, विपन शर्मा, जीवन चंद और सुरेंद्र कुमार आदि ने कहा कि कोरोना काल में सरकार को डिपुओं में मैन्युअली भी राशन उपलब्ध करवाना चाहिए। बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगाने से संक्रमण फैलने का खतरा है।
कई उपभोक्ताओं के नंबर बदलने के कारण उन्हें ओटीपी नहीं आ रहे हैं। उधर, डीएफएससी शिवराम राही ने कहा कि कई उपभोक्ताओं को यह समस्या आ रही है। जहां समस्या आ रही है, वहां बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगाकर राशन दिया जा रहा है।