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Himachal News: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिले मुख्यमंत्री सुक्खू, आरडीजी को लेकर की बातचीत

Mon, 02 Mar 2026 02:25 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के रेवेन्यू डेफिसिट को कवर करने के लिए खास केंद्रीय मदद के तहत एक फाइनेंशियल पैकेज मांगा। पढ़ें पूरी खबर...
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सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पुष्प गुच्छ भेंट करते हुए - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की और फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के रेवेन्यू डेफिसिट को कवर करने के लिए खास केंद्रीय मदद के तहत एक फाइनेंशियल पैकेज मांगा। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री को बताया कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद करने से राज्य की फाइनेंशियल हेल्थ पर बहुत बुरा असर पड़ेगा और कहा कि हिमाचल प्रदेश की तुलना उन दूसरे राज्यों से नहीं की जा सकती जिनका आरडीजी बंद कर दिया गया है।

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उन्होंने कहा कि राज्य के लिए आरडीजी कंट्रीब्यूशन लगभग 12.7 परसेंट था जो नागालैंड के बाद दूसरा सबसे ज़्यादा था। उन्होंने कहा कि बड़े राज्य इसे बंद करने का सामना कर सकते हैं लेकिन हिमाचल प्रदेश की इकॉनमी नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों का एक ही पैमाने पर आकलन करना न तो हेल्दी है और न ही ट्रांसपेरेंट। उन्होंने इसे बंद करने को 'कोऑपरेटिव फेडरलिज्म की भावना को कमजोर करने वाला' बताया। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान का आर्टिकल 275(1) राज्यों को ऐसे ग्रांट देने का प्रावधान करता है जो उनकी रेवेन्यू रिसीट और खर्च के बीच के अंतर को कम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब फाइनेंस कमीशन ने छोटे पहाड़ी राज्यों की विकास संबंधी जरूरतों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है।

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उन्होंने फाइनेंस मिनिस्टर को यह भी बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों से खर्च कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, कोई ऑफ-बजट उधार नहीं लिया गया और अलग-अलग सेस के जरिए सालाना लगभग 600 करोड़ रुपये जुटाए गए। उन्होंने कहा कि जीएसटी की वजह से राज्य को रेवेन्यू का नुकसान हुआ और जहां भी मुमकिन हो, टैक्स रेट बढ़ाने और सब्सिडी को सही करने के बावजूद, रेवेन्यू घाटे के अंतर को कम नहीं किया जा सका। सुक्खू ने केंद्रीय फाइनेंस मिनिस्टर से पहाड़ी राज्यों की इकॉनमी का ठीक से आकलन करने और सुधार के उपायों की सिफारिश करने के लिए एक कमेटी बनाने का अनुरोध किया।

निर्मला सीतारमण ने राज्य की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल एडवाइजर राम सुभग सिंह और प्रिंसिपल सेक्रेटरी फाइनेंस देवेश कुमार मुख्यमंत्री के साथ थे।
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