स्मार्ट सिटी धर्मशाला में सुबह शाम हो रही ठंड ने जहां गर्म कपड़ों की मांग बढ़ाई है। वहीं पिछले साल के मुकाबले इस साल गर्म कपड़ों की कीमतों में 10 से 20 फीसदी तक महंगाई की मार पड़ रही है। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। धर्मशाला के गर्म कपड़ों के कारोबारियों की मानें तो बढ़ रही महंगाई के कारण जहां व्यापार पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। वहीं दूसरी तरफ लोगों में ऑनलाइन शॉपिंग के क्रेज से भी बाजारों से ग्राहकों में कमी देखने को मिली है।
स्वेटर से लेकर गर्म जुराबों तक सब हुआ महंगा
ठंड के मौसम में प्रयोग होने वाले स्वेटरों से लेकर गर्म जुराबों तक हर गर्म कपड़े की कीमत में इस साल वृद्धि हुई है। मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं की ओर से खरीदी जाने वाली स्वेटर जो पिछले साल 500 रुपये कीमत पर बिक रही थी, वे इस साल बढ़कर 600 रुपये हो गई है। वहीं बीते साल 150 रुपये में बिकने वाली गर्म टोपी इस साल 200 रुपये की बिक रही है।
यह हैं दाम
वस्तु कीमत बीते साल कीमत इस साल (रुपयों में)
गर्म जुराब 70 100
गर्म टोपी 150 200
स्वैटर 500 600
ट्रैक सूट 800 950
लेडिज कोटन सूट 1000 1200
जैकेट 1500 1700
महंगाई बढ़ने से कमाई हो गई कम
गर्म कपड़ों की कीमतें बढ़ने से सीधा असर कारोबार पर पड़ा है। गर्म कपड़ों को लेकर व्यापारियों ने स्टाक तो मंगवा लिया है, लेकिन ग्राहकों की कमी से कमाई में भी कमी आ गई है। - मनोहर
सरकार को महंगाई पर करना चाहिए नियंत्रण
वस्तुओं में दिन प्रतिदिन हो रही महंगाई से आम आदमी की जेब पर असर पड़ रहा है। सरकार को चाहिए की महंगाई पर नियंत्रण किया जाए। - अमित
जीएसटी से कपड़ा कारोबारियों को पड़ रही मार
कपड़े पर जीएसटी के चलते कारोबारियों पर महंगाई की मार पड़ रही है। महंगाई के कारण कारोबारियों की आय सीधे प्रभावित हो रही है। - तनु रस्तोगी
ऑनलाइन शॉपिग ने बाजार में कम किए ग्राहक
आज के दौर में ऑनलाइन शॉपिग का ज्यादा प्रचलन बढ़ गया है। इससे बाजार में कम ग्राहक आ रहे हैं। वहीं, विश्वसनीयता अपने आंखों देखी वस्तु को खरीदने में ही होती है। - प्रदीप चड्ढ़ा