बचत भवन में प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अधिकारी और कर्मचारी।
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जिला शिमला में जनगणना-2027 का पहला चरण 12 मई से शुरू होने जा रहा है। इस काम में तैनात होने वाले कर्मचारियों के लिए जिला प्रशासन ने रविवार से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिया है। उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित बचत भवन में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं इनकी गणना (एचएलओ) को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। यह कार्यशाला दो चरणों में होगी। पहले बैच को 1 से 3 मार्च और दूसरे बैच को 5 से 7 मार्च तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जनगणना कार्य निदेशालय निदेशक दीप शिखा शर्मा ने बताया कि जनगणना-2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। डाटा संग्रहण मोबाइल एप और वेब पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनेगी। जनता को स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। पोर्टल निर्धारित तिथि से 15 दिन पूर्व सक्रिय होगा। कोई भी नागरिक लॉगिन कर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेगा। इसके बाद उसे स्वगणना आईडी प्रदान की जाएगी। इसका सत्यापन प्रगणक की ओर से किया जाएगा। मैदान स्तर पर प्रगणक एवं पर्यवेक्षक मोबाइल एप के माध्यम से कार्य को अंजाम देंगे। निदेशक ने अधिकारियों से तय समय सीमा में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य पूरा करने का आह्वान किया।
11 जून तक चलेगा पहला चरण
भारत में जनगणना हर दस वर्ष में होती है। वर्ष 2011 के बाद अगली जनगणना 2021 में प्रस्तावित थी लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। अब 2027 में यह दो चरणों में करवाई जा रही है। पहला चरण प्रदेश में 12 मई से 11 जून तक संचालित किया जाएगा। दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। बर्फबारी वाले इलाकों में इसे सितंबर 2026 में ही संपन्न किया जाएगा। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जनगणना कार्य में जुटे हर कर्मचारी और अधिकारी को ईमानदारी के साथ तय मानकों के अनुसार कार्य करना चाहिए।
जनगणना को दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में से एक माना जाता है। आगामी जनगणना वर्ष 2027 के दौरान की जाएगी जो वर्ष 1872 से 16वीं एवं स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी। इसी क्रम में मकान सूचीकरण ब्लॉक क्रिएटर वेब पोर्टल के माध्यम से मकान सूचीकरण ब्लॉक का सृजन किया जाएगा। जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली वेब पोर्टल के माध्यम से मैनेजमेंट एवं मॉनिटरिंग की जाएगी। कार्यशाला में एडीएम प्रोटोकॉल ज्योति राणा, सभी एसडीएम, अंडर सेक्रेटरी जीएडी प्रोमिला शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी नारायण सिंह वर्मा आदि उपस्थित रहे।