इसके लिए विशेष मॉनीटरिंग कक्ष तैयार किया गया है, जहां एलईडी स्क्रीन से सभी परीक्षा केंद्रों पर नजर रखी जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से सक्रिय रहेंगे। इसके अलावा केंद्र अधीक्षक और उप-अधीक्षक परीक्षा हॉल में सतत निगरानी रखेंगे। बोर्ड की ओर से विशेष उड़नदस्तों का गठन किया गया है, जो औचक निरीक्षण करेंगे। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी, एसडीएम और उपनिदेशक स्तर तक के अधिकारी भी फ्लाइंग स्क्वायड से परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने कहा कि नकल के मामलों को लेकर बोर्ड सख्त है। पुख्ता रणनीति के तहत व्यापक मॉनीटरिंग व्यवस्था की गई है।
विश्वविद्यालय ने कहा है कि परीक्षार्थियों की उपस्थिति उसी पाली में दर्ज की जाएगी, जिसमें उन्हें प्रवेश पत्र के अनुसार बैठाया गया है। पाली परिवर्तन की किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने परीक्षा नियमों में किसी प्रकार की ढील न देने के निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा समय शुरू होने के बाद अधिकतम 15 मिनट तक ही प्रवेश की अनुमति होगी। इसके बाद किसी भी छात्र को परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने सभी केंद्र अधीक्षकों को सख्ती से निर्देश दिए हैं कि समय सीमा का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी बताया कि केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत किया गया है। परीक्षार्थियों को पहचान पत्र और प्रवेश पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विद्यार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम आधा घंटा पहले पहुंचें। इससे जांच और उपस्थिति की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकेगी। परीक्षाएं शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न कराने के लिए आवश्यक प्रबंध किए हैं। - श्याम लाल कौशल नियंत्रक परीक्षा, एचपीयू