बिलासपुर के झंडूता और मंडी के सुंदरनगर में सैनिकों, पूर्व सैनिकों और आश्रित परिवारों की सुविधा को एक-एक आरट्रैक ईएसएम कैंटीन खुलेगी। सरकार ने दोनों कैंटीनों के लिए 45.63 लाख का बजट जारी किया है। सैनिक कल्याण निदेशालय के माध्यम से सीएसडी कैंटीन प्रबंधकों को यह बजट आवंटित कर दिया गया है।
दो जिलों में खुलने वाली नई सीएसडी की आरट्रैक कैंटीन के माध्यम से सैनिकों, पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों को खाद्य सामग्री समेत, बर्तन, शराब व इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण समेत अन्य सामान मिलेगा। वर्तमान में दोनों उपमंडलों के सैनिकों को रक्षा मंत्रालय की तरफ से उपलब्ध करवाए जाने वाले सस्ते सामान के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। प्रदेश में सवा लाख के करीब सैनिक और पूर्व सैनिक हैं। इन्हें सीएसडी कैंटीनों के माध्यम से खाद्य व अन्य सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है।
संधोल में बनेगा विश्रामगृह, सीएसडी कैंटीन भी
सैनिक कल्याण एवं जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर के संधोल में भी पूर्व सैनिकों के लिए विश्रामगृह बनेगा। इसमें एक बड़ा सभागार होगा, जहां बैठकें हो सकेंगी। साथ ही सीएसडी कैंटीन भी खुलेगी। भूमि चिह्नित कर अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। बरछबाड़ में सेना भर्ती के लिए अकादमी खोलने को भूमि की सैनिक कल्याण विभाग के नाम कर दी गई है। शिक्षा विभाग से यह जमीन ट्रांसफर हुई है।
सुंदरनगर और झंडूता में रक्षा मंत्रालय के माध्यम से कैंटीन खोलने को जयराम सरकार ने 45.63 लाख रुपये जारी किए हैं। बरछबाड़ में आर्मी प्रशिक्षण अकादमी को भूमि विभाग के नाम ट्रांसफर हो गई है। धर्मपुर के संधोल में सैनिक विश्रामगृह व सीएसडी कैंटीन के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
- डॉ. विक्रम महाजन, ओएसडी, हिमाचल प्रदेश सैनिक कल्याण निदेशालय हमीरपुर