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हिमाचल: कोरोना काल में सरकारी स्कूलों में छठी से आठवीं, 11वीं-12वीं में बढ़े 6719 विद्यार्थी

Fri, 24 Sep 2021 11:27 AM IST
अरविन्द ठाकुर अनिमेष कौशल, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

सरकारी स्कूलों में छठी से आठवीं कक्षा में वर्ष 2019 के मुकाबले वर्ष 2020 में 3526 विद्यार्थियों और 11वीं व 12वीं कक्षा में 3193 विद्यार्थियों के अधिक दाखिले हुए।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में कोरोना काल के दौरान सरकारी स्कूलों में छठी से आठवीं और 11वीं-12वीं कक्षा में 6719 अधिक विद्यार्थियों ने दाखिले लिए। वीरवार को जारी हुई यू डाइस रिपोर्ट 2020-21 में यह खुलासा हुआ है। बीते वर्ष बंद रहे निजी स्कूलों की महंगी फीस से अभिभावकों का मन बदलने के चलते संख्या बढ़ी है। सरकारी स्कूलों में बढ़ी विद्यार्थियों की इस संख्या के लिए विभागीय अधिकारी भी निजी स्कूलों की ज्यादा फीस को कारण मान रहे हैं।

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सरकारी स्कूलों में छठी से आठवीं कक्षा में वर्ष 2019 के मुकाबले वर्ष 2020 में 3526 विद्यार्थियों और 11वीं व 12वीं कक्षा में 3193 विद्यार्थियों के अधिक दाखिले हुए। उधर, वर्ष 2019 के मुकाबले वर्ष 2020 में 26154 विद्यार्थियों की निजी और सरकारी स्कूलों में संख्या कम हुई है। 13.33 लाख विद्यार्थियों ने वर्ष 2020 में दाखिले लिए। वर्ष 2019 में संख्या 13.59 लाख थी। वर्ष 2018-19 में सरकारी और निजी स्कूलों में दाखिले लेने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 13.74 लाख थी। साल दर साल दाखिलों की संख्या में कमी दर्ज हो रही है। जन्म दर में आ रही निरंतर कमी भी इसका कारण है।

कक्षा                 साल 2019-20 वर्ष 2020-21 अंतर
पहली से पांचवीं    290158    83563    -6595                                              
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छठी से आठवीं    197475    201001    3526
नवीं से दसवीं    160561    152754    -7807
जमा एक से जमा दो    152847    156040    3193
कुल    801041    793358    - 7683

लॉकडाउन में प्रवासियों के पलायन से घटे प्राइमरी के बच्चे
मार्च 2020 को लगे लॉकडाउन के बाद प्रवासी लोगों के पलायन से सरकारी प्राइमरी स्कूलों में विद्यार्थी संख्या घटी है। नौकरी की तलाश में नेपाल सहित कई अन्य राज्यों से प्रदेश में काम करने आने वाले कई मजदूर कोरोना संकट के दौरान घर लौटे गए। इस कारण पहली से पांचवीं कक्षा में सबसे अधिक 6595 और नवीं से दसवीं कक्षा में 7807 विद्यार्थी घट गए। छठी से आठवीं और 11वीं-11वीं कक्षा में बढ़े 6719 नामांकन के चलते सरकारी स्कूलों में कम हुए विद्यार्थियों की संख्या 7683 रही।

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