प्रदेश सरकार ने हिमाचल पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के डेढ़ हजार मुलाजिमों को वेतन को 3.3 करोड़ जारी कर दिया है। तब जाकर पर्यटन निगम के कर्मचारियों को मई का वेतन मिल पाया है। पर्यटन निगम प्रबंधन ने सरकार से अप्रैल और मई के वेतन के लिए साढ़े 6.6 करोड़ की वित्तीय मदद की गुहार लगाई थी। इसकी एवज में निगम प्रबंधन को सिर्फ 3.3 करोड़ की राशि जारी हो पाई है। निगम के कर्मचारियों को जो वेतन हर माह के 1 तारीख को जारी होता रहा है।
लाकडाउन के कारण पर्यटन निगम के होटलों और रेस्तांओं में धंधा मंदा चला हुआ है और माह वेतन और भत्तों पर करीब साढ़े चार करोड़ की राशि व्यय होती है। अप्रैल से निगम के करीब 1600 कर्मचारियों का समय पर वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। यह मामला निगम के कर्मचारी और अधिकारी ने प्रबंधन से भी उठाया था परंतु जब उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो ये मुलाजिम सचिव पर्यटने से मिले और वेतन दिलाने की गुहार लगाई।
इसके बाद सरकार हरकत में आई और मई के वेतन के लिए पर्यटन सचिव पत्र संख्या टीएमएम-एफ-(5)-/ 2019 जारी कर एचपीटीडीसी को लाकडाउन के बाद वित्तीय मदद देने का जिक्र किया है। इस पत्र में लिखा है कि एचपीटीडीसी की प्रबंध निदेशक से निगम के कर्मचारियों के अप्रैल और मई के वेतन के लिए 6.60 करोड़ की वित्तीय मदद के लिए आग्रह किया गया है।
प्रदेश के राज्यपाल से प्रशासनिक और खर्चे की मांग मिलने के बाद 3.30 करोड़ की अतिरिक्त राशि मंजूर की गई है। यह राशि गैर प्लान के तहत ग्रांट इन एड के रूप में वेतन के भुगतान के लिए दी गई है। बताते हैं कि इस राशि से निगम के कर्मचारियों को गत 6 जुलाई को वेतन का भुगतान किया जा सका है। अब कर्मचारी फिर से जुलाई के वेतन के लिए सरकार से टकटकी लगाए हैं।