श्री नयनादेवी वन क्षेत्र में अवैध खैर कटान (फाइल फोटो)
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श्री नयनादेवी वन क्षेत्र की पांच बीटों में वर्ष 2015-16 और 2017 में बड़े स्तर पर हुए खैर के अवैध कटान के पीछे अवैध कब्जे बड़ा कारण है। पांचों बीटों में जिन जगहों पर अवैध कटान हुआ है, उनमें से अधिकांश भूमि पर लोगों के कब्जे हैं। वन बीट सलोआ, बस्सी, भाखड़ा, बड़ोह और कोट में 200 से ज्यादा अवैध कब्जे हैं। राजस्व विभाग ने इसका सारा ब्योरा विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दिया है। जांच पूरी होने के बाद कई अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई हो सकती है।
जानकारी के अनुसार 75,000 से ज्यादा खैर के पेड़ों को नियमों के अनुसार काटा गया है जबकि इसकी आड़ में करीब 18,000 और पेड़ों को भी काट दिया गया। खैर कटान के लिए पांचों बीटों में करीब 150 ठेकेदार सक्रिय थे। खैर की लकड़ी प्रदेश से बाहर भी भेजी गई।
वहीं, प्रदेश की वन संपदा पर कुल्हाड़ी चलती रही और राजस्व, पुलिस, वन विभाग के अफसर इससे बेखबर रहे। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इसकी जांच की, लेकिन स्थानीय लोगों से सहयोग नहीं मिला। अगर इन वन बीटों में अवैध कब्जों पर विभाग और प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई की होती तो इतनी बड़ी संख्या में वन संपदा पर कुल्हाड़ी न चलती।
पांच वन बीटों में अवैध कब्जे हैं। राजस्व विभाग ने विजिलेंस ब्यूरो को इसका ब्योरा सौंप दिया है। अवैध कब्जों का रिकॉर्ड बंदोबस्त विभाग धर्मशाला के पास भी है।
- हुस्न चंद, तहसीलदार श्री नयनादेवी